सोशल मीडिया पर रोज तमाम वीडियो और खबरें वायरल होती हैं, लेकिन कुछ कहानियां ऐसी होती हैं जो सिर्फ वायरल नहीं होतीं, बल्कि इंसानियत पर भरोसा और मज़बूत कर जाती हैं. इन दिनों एक 13 साल के बच्चे की कहानी इंटरनेट पर लोगों की आंखें नम कर रही है. यह कहानी है हिम्मत, समझदारी और उस साहस की, जो उम्र नहीं देखता. समंदर की ऊंची लहरों से जूझते हुए इस बच्चे ने जो किया, उसने पूरी दुनिया को हैरान कर दिया.
लहर में फंसे मां और बच्चे
मामला ऑस्ट्रेलिया के एक समुद्री तट का है, जहां एक मां अपने तीन बच्चों के साथ समुद्र में पैडल बोर्डिंग कर रही थी. मौसम शुरुआत में शांत था, लेकिन अचानक तेज समुद्री धाराएं चलने लगीं, मां और दो छोटे बच्चे लाइफ जैकेट के सहारे पानी में फंस गए और मदद की कोई उम्मीद नजर नहीं आ रही थी. हालात पल-पल बिगड़ रहे थे और डर हर चेहरे पर साफ दिख रहा था.

13 साल के लड़के ने बचाई जिंदगी
इसी बीच 13 साल का बड़ा बेटा हालात को समझ गया. उसने बिना वक्त गंवाए एक ऐसा फैसला लिया, जिसकी कल्पना भी मुश्किल है. उसने अपनी लाइफ जैकेट उतारी, खुद को जोखिम में डाला और समुद्र में कूद पड़ा. उसके सामने चार किलोमीटर लंबा रास्ता था, ठंडा पानी, तेज लहरें और थकान से लड़ती सांसें. सोशल मीडिया पर लोग लिख रहे हैं कि यह किसी फिल्म का सीन नहीं, बल्कि हकीकत का सबसे मजबूत चैप्टर है.
खूब कोशिश करने के बाद सभी को सही सलामत निकाला
करीब चार घंटे तक बच्चा समंदर से जूझता रहा. शरीर जवाब दे रहा था, लेकिन हौसला नहीं. उसका लक्ष्य सिर्फ एक था कि किसी भी तरह किनारे तक पहुंचा जाए और मदद मिल जाए. आखिरकार वह गिरते-पड़ते तट तक पहुंचा और जोर-जोर से मदद की गुहार लगाई. उसकी आवाज ने उम्मीद को जिंदा रखा. उधर मां अपने दो छोटे बच्चों को सीने से लगाए करीब 10 घंटे तक समुद्र में बहती रहीं. ठंड, डर और अंधेरे के बीच उन्होंने बच्चों का हौसला टूटने नहीं दिया. सोशल मीडिया यूजर्स इस मां को भी असली योद्धा बता रहे हैं. रात करीब साढ़े आठ बजे रेस्क्यू हेलिकॉप्टर ने मां और दोनों बच्चों को खोज निकाला. सभी को सुरक्षित अस्पताल पहुंचाया गया. डॉक्टरों के मुताबिक, अगर थोड़ी भी देर हो जाती तो हालात कुछ और हो सकते थे.

