Samsung Silicon-Carbon Battery Test: इन दिनों स्मार्टफोन कंपनियों के बीच अपने फोन में बड़ी से बड़ी बैटरी देने की होड़ मची है. ऑनर और रियलमी पहले ही बाजार मे 10,000mAh की बैटरी वाले फोन उतार चुकी हैं और आने वाले समय में वीवो समेत और कंपनियां भी इस आंकड़े को छूने वाली है. इसी बीच सैमसंग इस मुकाबले में सबको पछाड़ने की तैयारी कर रही है. हाल ही में लीक हुए इंटरनल डॉक्यूमेंट से पता चला है कि कंपनी 18,000mAh की बैटरी को टेस्ट कर रही है, लेकिन इसके रिजल्ट उम्मीदों के मुताबिक नहीं रहे हैं.
सिलिकॉन कार्बन बैटरी टेस्ट कर रही है सैमसंग
रिपोर्ट्स के अनुसार, सैमसंग 12,000 mAh और 18,000 mAh के दो बड़े बैटरी पैक टेस्ट कर रही है. दोनों ही सिलिकॉन कार्बन बैटरी पैक हैं. कुछ दिन पहले ही जानकारी मिली थी कि अब तक सिलिकॉन कार्बन टेक्नोलॉजी से दूरी बनाती आ रही सैमसंग ने अब अपना फैसला बदल लिया है. ऐसे कयास हैं कि आने वाले सालों में कंपनी की गैलेक्सी एस सीरीज में यह बैटरी दी जा सकती है. सिलिकॉन बैटरी का फायदा यह है कि यह कम स्पेस में ज्यादा एनर्जी स्टोर कर सकती है, जिससे फोन को बड़ा किए बिना उसे ज्यादा बैटरी कैपेसिटी दी जा सकती है.
टेस्ट के रिजल्ट नहीं रहे अच्छे
दोनों ही नई बैटरियों को लेकर सैमसंग के रिजल्ट अच्छे नहीं रहे हैं. 12,000mAh के बैटरी पैक के साइज को लेकर भी कंपनी स्ट्रगल कर रही है और इसमें स्वेलिंग भी देखी गई है. दूसरी तरफ 18,000 mAh वाली बैटरी में हीट ऑब्जर्व की गई और इसका चार्जिंग मैनेजमेंट सॉफ्टवेयर भी अभी तक पूरी तरह तैयार नहीं हुआ है. बता दें कि सैमसंग इससे पहले 20,000 mAh का प्रोटोटाइप भी टेस्ट कर चुकी है, लेकिन भी टेस्टिंग में फेल हो गया था. इसे 1,500 चार्जिंग साइकिल के टारगेट के साथ टेस्ट किया जरा रहा था, लेकिन इसने 960 चार्जिंग साइकिल पर ही हाथ खड़े कर दिए.
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