2026 में स्मार्टफोन पर मंडरा रहा मेमोरी संकट! सस्ते फोन हो सकते हैं महंगे, जानिए कैसे यूजर्स पर पड़ेगा असर

aditisingh
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Smartphone Price Hike: अगर आप नया स्मार्टफोन खरीदने की योजना बना रहे हैं तो साल 2026 आपके लिए थोड़ा मुश्किल साबित हो सकता है. आने वाले समय में स्मार्टफोन बाजार पर एक बड़ा मेमोरी चिप संकट देखने को मिल सकता है जिसके कारण फोन की कीमतें बढ़ने की आशंका है. खासतौर पर भारत जैसे बाजार जहां बजट स्मार्टफोन की मांग ज्यादा है वहां इसका प्रभाव ज्यादा महसूस किया जा सकता है.

ग्लोबल बाजार में स्मार्टफोन बिक्री में गिरावट का अनुमान

रिसर्च फर्म International Data Corporation (IDC) के अनुसार, साल 2026 में दुनियाभर में स्मार्टफोन शिपमेंट में तेज गिरावट देखने को मिल सकती है. रिपोर्ट के मुताबिक, 2025 में जहां करीब 1.26 अरब स्मार्टफोन शिप किए गए थे वहीं 2026 में यह संख्या घटकर लगभग 1.12 अरब यूनिट तक पहुंच सकती है. इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह मेमोरी चिप्स की बढ़ती कीमतें बताई जा रही हैं. जैसे-जैसे इन चिप्स की लागत बढ़ेगी वैसे-वैसे कंपनियों को फोन की कीमतें बढ़ानी पड़ेंगी.

100 डॉलर से कम कीमत वाले फोन हो सकते हैं खत्म

भारत जैसे देशों में सस्ते स्मार्टफोन का बड़ा बाजार है. लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में 100 डॉलर (करीब 8–9 हजार रुपये) से कम कीमत वाले स्मार्टफोन बाजार से लगभग गायब हो सकते हैं. IDC का अनुमान है कि 2026 में स्मार्टफोन की औसत कीमत में लगभग 14 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हो सकती है. इसका सीधा असर उन ग्राहकों पर पड़ेगा जो कम बजट में नया फोन खरीदते हैं. पिछले एक दशक में जिस सस्ती कीमत ने स्मार्टफोन को हर वर्ग तक पहुंचाया अब उसी पर दबाव बढ़ सकता है.

कई स्मार्टफोन की कीमतें पहले ही बढ़ चुकी हैं

मेमोरी चिप की बढ़ती कीमतों का असर अब बाजार में दिखने भी लगा है. कुछ लोकप्रिय स्मार्टफोन मॉडलों की कीमत हाल के महीनों में बढ़ाई जा चुकी है. उदाहरण के तौर पर iQOO Z10 और Vivo T4 5G की कीमत में लगभग 2000 रुपये तक बढ़ोतरी देखी गई है. इसी तरह iQOO Z10x और Vivo T4x 5G के अलग-अलग स्टोरेज वेरिएंट की कीमतों में 1500 से 2500 रुपये तक का इजाफा हुआ है.

प्रीमियम स्मार्टफोन भी नहीं बचे असर से

सिर्फ बजट फोन ही नहीं बल्कि महंगे स्मार्टफोन भी इस संकट से अछूते नहीं हैं. हाल ही में लॉन्च हुई Samsung Galaxy S26 सीरीज की कीमत में भी बढ़ोतरी देखने को मिली. इस सीरीज के बेस मॉडल की कीमत करीब 6000 रुपये ज्यादा रखी गई जबकि Samsung Galaxy S26 Ultra की कीमत में लगभग 10,000 रुपये तक की बढ़ोतरी हुई.

AI की बढ़ती मांग से कम हो रही मेमोरी सप्लाई

मेमोरी चिप्स की कमी का एक बड़ा कारण दुनिया भर में तेजी से बढ़ती आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक भी है. टेक कंपनियां जैसे Meta, Google और Microsoft बड़े पैमाने पर AI डेटा सेंटर और कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए मेमोरी चिप्स खरीद रही हैं. इस वजह से स्मार्टफोन और पीसी बनाने वाली कंपनियों के लिए चिप्स की उपलब्धता कम हो रही है और उन्हें ज्यादा कीमत पर इन्हें खरीदना पड़ रहा है.

भारतीय ग्राहकों के लिए क्या बदल सकता है?

बदलते हालात यह संकेत दे रहे हैं कि आने वाले समय में स्मार्टफोन बाजार में बड़ा बदलाव हो सकता है. भारतीय ग्राहकों को अल्ट्रा-बजट फोन के कम विकल्प, औसत कीमत में बढ़ोतरी और फोन अपग्रेड करने का लंबा अंतराल देखने को मिल सकता है. यानि आने वाले वर्षों में सस्ते स्मार्टफोन खरीदना पहले जितना आसान नहीं रह सकता.

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Satish Kumar Is A Journalist With Over 10 Years Of Experience In Digital Media. He Is Currently Working As Editor At Aman Shanti, Where He Covers A Wide Variety Of Technology News From Smartphone Launches To Telecom Updates. His Expertise Also Includes In-depth Gadget Reviews, Where He Blends Analysis With Hands-on Insights.