Valeo Investment in India: ऑटोमोटिव पार्ट्स सप्लाई करने वाली फ्रांस की कंपनी Valeo भारत में बड़ा दांव लगाने के लिए तैयार है. कंपनी ने बुधवार को अगले तीन सालों में भारत में 200 मिलियन यूरो (2147 करोड़ रुपये) के अपने निवेश का बड़ा ऐलान किया. दरअसल वैलियो साल 2028 तक अपनी बिक्री को तीन गुना से ज्यादा बढ़ाकर 700 मिलियन यूरो तक ले जाना चाहती है और इसके लिए अभी यह निवेश जरूरी है.
इंडिया में बिजनेस को आगे बढ़ाने का प्लान
Valeo की ग्लोबल सेल्स में भारत की अभी हिस्सेदारी 1 परसेंट है. ऐसे में अपने इंडिया बिजनेस को आगे बढ़ाने के लिए फ्रेंच ऑटो कंपोनेंट बनाने वाली यह कंपनी अभी इलेक्ट्रिक व तमाम फीचरों से लैस गाड़ियों की बढ़ती डिमांड का फायदा उठाना चाहती है. Valeo के CEO क्रिस्टोफ पेरिलै (Christophe Périllat) ने एक प्रेस ब्रीफिंग में रिपोटर्स से बात करते हुए कहा, ”हम भारत में बिकने वाली कारों में बहुत सारा एक्स्ट्रा कंटेंट और टेक्नोलॉजी देखते हैं. यही वजह है कि हम भारत में आगे बढ़ने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं.”
उन्होंने आगे यह भी बताया, ”भारत दुनिया में तेजी से उभरता हुआ ऑटोमोटिव मार्केट है. बात सिर्फ वॉल्यूम की नहीं है, बल्कि यहां बिकने वाली कारों का पैटर्न भी तेजी से बदल रहा है. नए ऑडर्स में 60 परसेंट से ज्यादा SUVs हैं.”
कंपनी का आगे तगड़ा है प्लान
Valeo के लिए भारत ग्रोथ के लिए खास एरिया है. कंपनी के CEO आगे कहते हैं, ”हम 2028 तक भारत में अपनी बिक्री को 220 मिलियन यूरो से लगभग तीन गुना 700 मिलियन यूरो और 2028 के बाद तेजी से होने वाले ग्रोथ के अगले कदम के लिए तैयार होने का प्लान बना रहे हैं.” उन्होंने कहा कि कंपनी 2028 के बाद 1 बिलियन यूरो की सेल्स का टारगेट रखने जा रही है.
Valeo अभी महिंद्रा एंड महिंद्रा (M&M) की BE 6 और XEV 9e इलेक्ट्रिक गाड़ियों को इलेक्ट्रिक पावरट्रेन सप्लाई करती है. कंपनी की तरफ से सप्लाई किए जाने वाले ऑटो पार्ट्स में ई-एक्सल, बैटरी कूलिंग प्लेट, चार्जर, इनवर्टर, सेंसर, लाइटिंग इक्विपमेंट और ADAS (एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम) वगैरह शामिल हैं.
लोकलाइजेशन पर कंपनी का फोकस
Valeo दरअसल भारत में खासतौर पर इलेक्ट्रिफिकेशन और ADAS डिवीजन पर फोकस करते हुए इंवेस्ट करने की सोच रहा है. दिलचस्प बात है कि यह इंवेस्टमेंट एक ऐसे समय में हो रहा है, जब भारत में बिकने वाली सभी नई कारों में से लगभग 4 परसेंट इलेक्ट्रिक व्हीकल्स हैं. पेरिलैट का मानना है कि भारतीय बाजारों में कारों की टेक्नोलॉजी का कंटेंट तेजी से आगे बढ़ रहा है.
पेरिलैट ने बताया, हम इलेक्ट्रिक मोटर और पावर इलेक्ट्रॉनिक्स को लोकलाइज कर रहे हैं. बैटरी कूलिंग को लोकलाइज कर रहे हैं. ADAS के लिए हम सेंसर, कैमरा और रडार वगैरह को लोकलाइज कर रहे हैं. उन्होंने बताया, ”हमें उम्मीद है कि 2032 तक भारत में EV और हाइब्रिड का हिस्सा 25 परसेंट हो जाएगा.”
भारतीय बाजारों में Valeo की एंट्री 1997 में हुई थी. कंपनी की चेन्नई, पुणे, साणंद और गुरुग्राम में छह प्रोडक्शन यूनिट्स हैं. इसके अलावा, चेन्नई और बेंगलुरु में ग्लोबल R&D सेंटर भी है. भारत में Valeo 7500 से भी ज्यादा लोगों को नौकरी देता है, जिसमें 50 परसेंट से ज्यादा इंजीनियर ग्लोबल रिसर्च, डेवलपमेंट और मैन्युफैक्चरिंग एक्टिविटी में शामिल हैं. महिंद्रा एंड महिंद्रा की EVs की बढ़ती डिमांड को सपोर्ट करने के लिए वैलियो ने अपनी पुणे फैसिलिटी में एक नया प्लांट और डेडिकेटेड ई-एक्सल प्रोडक्शन लाइन्स भी चालू की है.
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