आजादी का 78वां या 79वां साल… इस बार कौन-सा Independence Day मना रहा है देश? दूर करें कन्फ्यूजन

aditisingh
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नई दिल्ली। हर साल 15 अगस्त को भारत एक नए उत्साह और उमंग के साथ अपनी आजादी का जश्न मनाता है। लाल किले से लेकर गांव की चौपाल तक, तिरंगे का मान और गौरव अपनी पूरी आभा के साथ लहराता है। यह दिन सिर्फ एक राष्ट्रीय पर्व नहीं, बल्कि उन लाखों शहीदों की कुर्बानियों की याद दिलाता है, जिन्होंने हमें यह अमूल्य स्वतंत्रता दिलाई।

ऐसे में, जैसे-जैसे साल बीतते हैं, एक सवाल अक्सर लोगों के मन में उलझन पैदा कर देता है कि इस बार हम कौन-सा स्वतंत्रता दिवस मना रहे हैं (78th or 79th Independence Day)? आइए, आपको आसान भाषा में देते हैं इस सवाल का सही जवाब।

स्वतंत्रता दिवस की वर्षगांठ को लेकर कन्फ्यूजन

ज्यादातर लोग यह गलती कर बैठते हैं कि वे वर्तमान वर्ष (2025) में से 1947 को घटाकर सीधे-सीधे स्वतंत्रता दिवस की संख्या निकाल लेते हैं। इस गणना के अनुसार, 2025 – 1947 = 78 होता है, और वे इसे 78वां स्वतंत्रता दिवस मान लेते हैं, लेकिन यह तरीका सही नहीं है।

जी हां, किसी भी वर्षगांठ या दिवस की गिनती उसके पहले दिन से ही शुरू हो जाती है। 15 अगस्त 1947 को भारत आजाद हुआ। इसी दिन हमने अपना पहला स्वतंत्रता दिवस मनाया। यह हमारी आजादी की शुरुआत थी, पहला कदम था।

इसके ठीक एक साल बाद, 15 अगस्त 1948 को हमने दूसरा स्वतंत्रता दिवस मनाया। इस दिन हमारी आजादी को एक साल पूरा हो चुका था। इसी क्रम को आगे बढ़ाते हुए, साल 2024 में देश ने आजादी के 77 साल पूरे होने पर 78वां स्वतंत्रता दिवस मनाया था।

78वां या 79वां स्वतंत्रता दिवस?

यह बिल्कुल वैसा ही है जैसे आप अपना पहला जन्मदिन तब मनाते हैं जब आप एक साल के हो जाते हैं, न कि जन्म के दिन। जन्म का दिन आपका पहला दिन होता है, लेकिन पहला जन्मदिन साल पूरा होने पर आता है। ठीक इसी तरह, 15 अगस्त 1947 भारत की आजादी का पहला दिन था, और 15 अगस्त 2025 को हम आजादी के 78 साल पूरे कर रहे हैं, जिसका मतलब है कि यह हमारा 79वां स्वतंत्रता दिवस होगा।

‘शून्य से शिखर’ तक का सफर

हमारा 79वां स्वतंत्रता दिवस केवल एक संख्या नहीं है, बल्कि यह पिछले 78 सालों के सफर की कहानी है। यह कहानी है उस नवजात राष्ट्र की, जिसने विभाजन का दर्द सहा और फिर भी एक मजबूत लोकतंत्र की नींव रखी। यह कहानी है कृषि से लेकर अंतरिक्ष तक की प्रगति की, जहां हमने शून्य से शिखर तक का सफर तय किया।

यह दिन हमें उन स्वतंत्रता सेनानियों की याद दिलाता है, जिन्होंने महात्मा गांधी के अहिंसक आंदोलन से लेकर भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद और सुभाष चंद्र बोस जैसे क्रांतिकारियों की शौर्य गाथाओं तक, हर रास्ते पर अपनी जान की बाजी लगाई। यह दिन हमें हमारे संविधान निर्माताओं की दूरदर्शिता की याद दिलाता है, जिन्होंने ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ का सपना देखा था।

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Satish Kumar Is A Journalist With Over 10 Years Of Experience In Digital Media. He Is Currently Working As Editor At Aman Shanti, Where He Covers A Wide Variety Of Technology News From Smartphone Launches To Telecom Updates. His Expertise Also Includes In-depth Gadget Reviews, Where He Blends Analysis With Hands-on Insights.
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