Basant Panchami 2026: बसंत पंचमी पर पीला के अलावा इस रंग का महत्व, मां सरस्वती होती हैं बहुत प्रसन्न

सतीश कुमार
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Basant Panchami 2026: बसंत पंचमी को ‘श्री पंचमी’ या ‘ज्ञान पंचमी’ के नाम से भी जाना जाता है. ये पर्व बंसत ऋतु के आने का प्रतीक माना जाता है. बसंत ऋतु को ‘ऋतुराज’ कहा जाता है, क्योंकि यह मौसम सुख-समृद्धि और सौंदर्य का संदेश लेकर आता है. इस दौरान आने वाला बसंत पंचमी का त्योहार बहुत खास होता है. इस दिन पीला पहनने का महत्व है. इसके अलावा बसंत पंचमी पर सफेद रंग भी महत्वपूर्ण माना जाता है.

बसंत पंचमी पर पीले रंग का महत्व

प्रकृति में चारों ओर पीला चादर बिछ जाती है. सरसों के खेत पूरी तरह पीले फूलों से ढक जाते हैं. पीला रंग सकारत्मकता और शुभता का कारक माना जाता है. ये उत्सव की आत्मा माना जाता है. धार्मिक दृष्टि से पीला रंग शुद्धता, सादगी और ज्ञान का प्रतीक माना जाता है. मां सरस्वती को ये रंग बहुत प्रिय है. यह रंग सूर्य की किरणों जैसा होता है, जो अज्ञानता के अंधकार को दूर कर ज्ञान का संचार करता है. यह दिमाग को सक्रिय करता है और मन को प्रसन्न बनाता है.

बसंत पंचमी पर सफेद रंग का महत्व

सफेद रंग पवित्रता, शांति और भाईचारे का प्रतीक है, जो मन को शांत और सकारात्मक रखने में मदद करता है. यह जीवन में नई शुरुआत और नकारात्मकता को दूर करने का संदेश देता है. यह रंग मन की शांति और सच्चे ज्ञान की ओर इशारा करता है. मां सरस्वती को ये बहुत प्रिय है. इस दिन सफेद भोग में मखाने की खीर, बर्फी बनाई जाती है.

बसंत पंचमी पर बनता है पीला भोग

बसंत पंचमी पर न केवल पीले कपड़े पहने जाते हैं, बल्कि पीले भोजन भी बनाया जाता है, जैसे, मीठा केसरिया भात, केसरिया हलवा, खिचड़ी, सरसों का साग. कपीले भोजन में ऊर्जा और गर्माहट देने वाली सामग्री होती है, जो बदलते मौसम में सेहत के लिए स्वास्थ्यवर्धक है.

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Satish Kumar Is A Journalist With Over 10 Years Of Experience In Digital Media. He Is Currently Working As Editor At Aman Shanti, Where He Covers A Wide Variety Of Technology News From Smartphone Launches To Telecom Updates. His Expertise Also Includes In-depth Gadget Reviews, Where He Blends Analysis With Hands-on Insights.
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