गांजा तस्करी:लिव-इन पार्टनर की हो गई मौत, खुद उतर गई नशे के धंधे में- 20 Kg गांजे संग धराई थी – In

सतीश कुमार
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कैंट थाना क्षेत्र में गांजा तस्करी के आरोप में मां-बेटी समेत तीन लोगों की गिरफ्तारी का मामला अब सिर्फ नशा तस्करी तक सीमित नहीं रह गया है। अमर उजाला की पड़ताल में आरोपी महिला किरन निषाद की पारिवारिक स्थिति और पहचान को लेकर ऐसे तथ्य सामने आए हैं, जो पुलिस की शुरुआती कहानी से बिलकुल अलग है।

महिला जिसको अपना पति विजय कुमार निषाद बता रही थी, दरअसल वह उसका लिव-इन-पार्टनर था। जिसकी मौत के बाद वह गांजा तस्करी के धंधे में उतर गई थी। कैंट थाना पुलिस ने सोमवार सुबह छात्रसंघ चौराहे के पास से किरन निषाद, उसकी बेटी भोली और सहयोगी कृष्ण कुमार निषाद उर्फ टेगना निवासी जीतपुर प्रथम थाना गीडा को 20 किलो गांजा के साथ गिरफ्तार किया था।

पुलिस के मुताबिक आरोपी वाराणसी से ट्रेन के जरिये गांजा लेकर गोरखपुर पहुंचे थे और राजघाट इलाके में इसकी सप्लाई की तैयारी थी। भीड़ में पहचान छिपाने के लिए आरोपियों ने खुद को स्नान के लिए जा रहे श्रद्धालुओं की तरह प्रस्तुत किया था। पुलिस ने किरन निषाद को बेलीपार थाना क्षेत्र के जुड़ापुर गांव की निवासी बताते हुए दावा किया कि पति की मौत के बाद वह लंबे समय से गांजा तस्करी में सक्रिय थी।

हालांकि, पड़ताल में सामने आया कि किरन निषाद मूल रूप से मोहनापुर, पादरी बाजार क्षेत्र की रहने वाली है और उसकी वैवाहिक स्थिति को लेकर पुलिस को गुमराह किया गया। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, किरन की पहली शादी मोहनापुर निवासी अक्षयलाल निषाद से हुई थी, जिससे उसे दो बेटियां निशा और भोली हुईं।

पारिवारिक विवाद के बाद वह अपने पहले पति का घर छोड़कर छोटी बेटी भोली को साथ लेकर गोरखपुर आ गई थी।इसके बाद किरन का संबंध विजय कुमार निषाद से हुआ, लेकिन दोनों के बीच न तो शादी हुई और न ही कोर्ट मैरिज। दोनों कुछ समय तक गोरखपुर के नौसड़ स्थित अमरूद मंडी और बाद में बेलीपार क्षेत्र के जुड़ापुर गांव में साथ रहे। इस दौरान विजय के परिवार के साथ झगड़ा, मारपीट और विवाद की घटनाएं भी सामने आईं, जिसके बाद किरन को गांव छोड़ना पड़ा।

करीब तीन साल पहले बीमारी के चलते विजय कुमार निषाद की मौत हो गई। उसकी मौत के बाद किरन विजय के गांव पहुंची और खुद को पत्नी बताते हुए जायदाद में हिस्सा मांगने लगी। गांव वालों ने जब उससे शादी या कोर्ट मैरिज का साक्ष्य मांगा तो वह कोई प्रमाण नहीं दे सकी। इसके बाद गांव वालों ने उसे वहां से वापस गोरखपुर भेज दिया।

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Satish Kumar Is A Journalist With Over 10 Years Of Experience In Digital Media. He Is Currently Working As Editor At Aman Shanti, Where He Covers A Wide Variety Of Technology News From Smartphone Launches To Telecom Updates. His Expertise Also Includes In-depth Gadget Reviews, Where He Blends Analysis With Hands-on Insights.
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