Technology

CRS मार्क नहीं देखा और खरीद लिया मोबाइल या चार्जर? अगली गलती पड़ सकती है भारी, जान लें पूरा खतरा

Aman Shanti .In
By Aman Shanti .In On January 21, 2026
1 min read 1.2k views
WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
YouTube Channel Join Now
Instagram Follow Join Now
WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
YouTube Channel Join Now
Instagram Follow Join Now

[ad_1]

CRS Mark: आज के दौर में मोबाइल, चार्जर, ईयरफोन, पावर बैंक और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक गैजेट हमारी रोजमर्रा की जरूरत बन चुके हैं. सस्ते ऑफर या लोकल दुकानों पर कम कीमत देखकर कई लोग बिना ज्यादा सोचे-समझे ये सामान खरीद लेते हैं. लेकिन अगर आपने खरीदते समय CRS मार्क पर ध्यान नहीं दिया तो यह छोटी सी लापरवाही बड़ी परेशानी का कारण बन सकती है.

क्या होता है CRS मार्क?

CRS का मतलब है Compulsory Registration Scheme. यह योजना भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) द्वारा लागू की गई है. इसके तहत मोबाइल फोन, चार्जर, पावर बैंक, टीवी, लैपटॉप जैसे कई इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों का सुरक्षा मानकों पर खरा उतरना जरूरी होता है. जब कोई प्रोडक्ट इन टेस्ट्स को पास करता है, तभी उसे CRS रजिस्ट्रेशन और BIS का मान्यता प्राप्त मार्क मिलता है.

CRS मार्क क्यों है जरूरी?

CRS मार्क यह भरोसा देता है कि प्रोडक्ट तय सुरक्षा मानकों के अनुसार बनाया गया है. बिना इस मार्क वाले इलेक्ट्रॉनिक आइटम में शॉर्ट सर्किट, ओवरहीटिंग, बैटरी फटने या करंट लगने जैसी घटनाओं का खतरा ज्यादा होता है. खासतौर पर चार्जर और पावर बैंक जैसे प्रोडक्ट अगर खराब क्वालिटी के हों तो ये आपके मोबाइल के साथ-साथ आपकी जान के लिए भी जोखिम बन सकते हैं.

बिना CRS मार्क वाले प्रोडक्ट से क्या नुकसान हो सकता है?

अगर आप बिना CRS मार्क वाला मोबाइल या चार्जर इस्तेमाल करते हैं तो उससे फोन जल्दी खराब हो सकता है, बैटरी की लाइफ घट सकती है और अचानक आग लगने जैसी घटनाएं भी हो सकती हैं. कई मामलों में नकली चार्जर के कारण घरों में आग लगने की खबरें सामने आ चुकी हैं. इसके अलावा, ऐसे प्रोडक्ट्स पर कोई भरोसेमंद वारंटी या शिकायत का सही विकल्प भी नहीं मिलता.

कैसे पहचानें CRS मार्क?

किसी भी इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट के बॉक्स या डिवाइस के पीछे BIS का लोगो और CRS रजिस्ट्रेशन नंबर लिखा होता है. आप चाहें तो इस नंबर को BIS की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर भी चेक कर सकते हैं. ऑनलाइन शॉपिंग करते समय भी प्रोडक्ट डिस्क्रिप्शन में CRS या BIS सर्टिफिकेशन का जिक्र जरूर देखें.

खरीदते समय रखें ये सावधानी

हमेशा ब्रांडेड और भरोसेमंद दुकानों से ही इलेक्ट्रॉनिक सामान खरीदें. बहुत ज्यादा सस्ती कीमत देखकर तुरंत फैसला न लें. मोबाइल, चार्जर या किसी भी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस को खरीदने से पहले यह जरूर जांच लें कि उस पर CRS मार्क मौजूद है या नहीं.

यह भी पढ़ें:

बच्चा हर वक्त मोबाइल में खोया रहता है? ये 3 आसान टिप्स लौटाएंगे उसका ध्यान और पढ़ाई में फोकस

[ad_2]

Source link

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
YouTube Channel Join Now
Instagram Follow Join Now
Aman Shanti .In

Aman Shanti .In

Satish Kumar एक डिजिटल कंटेंट क्रिएटर और न्यूज़ पब्लिशर हैं। ये Sarkari Yojana, Technology News और Automobile Updates पर लेख लिखते हैं। इनके लेखों का उद्देश्य लोगों को सही और तेज जानकारी देना है।

Leave a Comment