Electric Scooter को आग से बचना है, तो गांठ बांध लीजिए 5 जरूरी बात

aditisingh
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Electric Scooter को डेली कम्यूटिंग के लिए सस्ता, ईको फ्रेंडली और कम्फर्टेबल ऑप्शन माना जाता है. हालांकि, आएदिन इनमें आग लगने घटनाएं सामने आ रही हैं. ज्यादातर मामले लिथियम-आयन बैटरी में थर्मल रनअवे के कारण होते हैं. खासकर गलत चार्जिंग, ओवरहीटिंग या घटिया क्वालिटी बैटरी से.

अच्छी बात ये है कि आप सावधानियों के साथ इन खतरों को काफी हद तक रोक सकते हैं. ओरिजिनल चार्जर का उपयोग, खुली जगह पर चार्जिंग, ओवरचार्जिंग से बचना, धूप में पार्किंग न करना और नियमित चेक जैसे सिंपल स्टेप्स आपके स्कूटर को सुरक्षित रखेंगे. नीचे दी गई टिप्स को फॉलो करके आप Electric Scooter को बेहतर स्थिति में रख सकते हैं.

सही चार्जिंग हैबिट

चार्जिंग के दौरान सबसे ज्यादा सावधानी बरतनी चाहिए, क्योंकि 70-80% आग लगने की घटनाएं चार्जिंग के समय ही होती हैं. हमेशा केवल ओरिजिनल चार्जर का इस्तेमाल करें जो कंपनी ने दिया हो. कभी भी सस्ते या दूसरे ब्रांड के चार्जर न खरीदें, क्योंकि वे बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (BMS) के साथ मैच नहीं करते और ओवरहीटिंग का कारण बन सकते हैं.

ओवरचार्ज से बचाव

स्कूटर को ओवरचार्ज कभी न होने दें. जैसे ही बैटरी 100% चार्ज हो जाए, तुरंत प्लग निकाल लें. रातभर चार्जिंग पर न छोड़ें, खासकर गर्मियों में ऐसा बिल्कुल ही न करें. लंबी राइड के बाद बैटरी गर्म होती है, इसलिए कम से कम 30-60 मिनट ठंडा होने दें, फिर चार्ज करें. चार्जिंग के दौरान स्कूटर को खुली हवा में रखें.

पार्किंग का ध्यान

कभी भी ई-स्कूटर को सीधी धूप में पार्क न करें. गर्मी से बैटरी का तापमान 50-60 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जो थर्मल रनअवे का कारण बनता है. हमेशा छांव वाली जगह या गैरेज में पार्क करें. बारिश में भी स्कूटर को ढककर रखें, ताकि पानी बैटरी या इलेक्ट्रिकल पार्ट्स में न जाए.

बैटरी की क्वालिटी

बैटरी की क्वालिटी पर भी ध्यान दें. सस्ते या अनऑथराइज्ड स्कूटर में घटिया सेल्स लगे होते हैं, जो आसानी से गर्म हो जाते हैं. इसलिए BIS सर्टिफाइड या अच्छे ब्रांड के Electric Scooter ही खरीदें. नियमित सर्विसिंग करवाएं और कंपनी के अधिकृत सर्विस सेंटर पर ही जाएं. कभी भी रोडसाइड मैकेनिक से बैटरी या वायरिंग में बदलाव न करवाएं.

आग पर काबू

अगर आग लग ही जाए तो घबराएं नहीं. सबसे पहले खुद को और दूसरों को सुरक्षित दूरी पर ले जाएं. पानी से आग बुझाने की कोशिश न करें, क्योंकि लिथियम बैटरी आग पर पानी डालने से और भड़क सकती है. CO2 या ड्राई पाउडर एक्सटिंग्विशर इस्तेमाल करे!

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Satish Kumar Is A Journalist With Over 10 Years Of Experience In Digital Media. He Is Currently Working As Editor At Aman Shanti, Where He Covers A Wide Variety Of Technology News From Smartphone Launches To Telecom Updates. His Expertise Also Includes In-depth Gadget Reviews, Where He Blends Analysis With Hands-on Insights.
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