बजट में हो सकती है 800 जिलों में गर्ल्स हॉस्टल बनाने की घोषणा, जानें कितना बड़ा होगा एजुकेशन बजट

सतीश कुमार
5 Min Read


देश की शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए केंद्र सरकार एक बड़े कदम की तैयारी में है. बजट 2026 में शिक्षा क्षेत्र को लेकर कई अहम घोषणाएं हो सकती हैं, जिनमें सबसे ज्यादा चर्चा 800 जिलों में गर्ल्स हॉस्टल बनाने की योजना को लेकर है. माना जा रहा है कि इस बार एजुकेशन बजट में खासतौर पर बेटियों की पढ़ाई को आगे बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा.

भारतीय संसद का बजट सत्र 2026 की शुरुआत 28 जनवरी से हो चुकी है. बजट सत्र से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद परिसर में देश को संबोधित किया. इसके बाद 29 जनवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 पेश किया. अब सबकी निगाहें आम बजट पर टिकी हैं, जिसमें शिक्षा को लेकर क्या खास होगा, इस पर हर किसी की नजर बनी हुई है. हर साल की तरह इस बार भी शिक्षा क्षेत्र को बजट से काफी उम्मीदें हैं. खासकर ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में रहने वाली बेटियों के लिए सरकार कुछ बड़ा करने की तैयारी में दिख रही है.

800 जिलों में गर्ल्स हॉस्टल की योजना

केंद्र सरकार का मानना है कि आज भी देश में लाखों लड़कियां सिर्फ इसलिए पढ़ाई छोड़ देती हैं, क्योंकि उनके घर से कॉलेज या यूनिवर्सिटी बहुत दूर होते हैं. सुरक्षित रहने की व्यवस्था न होने के कारण माता-पिता बेटियों को बाहर भेजने से डरते हैं. इसी समस्या को खत्म करने के लिए सरकार सभी 800 जिलों में गर्ल्स हॉस्टल बनाने की योजना पर काम कर रही है.

शिक्षा मंत्रालय ने इस योजना का प्रस्ताव वित्त मंत्रालय को भेज दिया है. अगर सब कुछ तय योजना के मुताबिक रहा, तो बजट 2026 में इसकी आधिकारिक घोषणा हो सकती है. इस योजना के तहत हर जिले में आधुनिक सुविधाओं से लैस हॉस्टल बनाए जाएंगे, ताकि लड़कियां बिना किसी चिंता के उच्च शिक्षा हासिल कर सकें.

बेटियों की पढ़ाई पर सरकार का खास जोर

सरकार का लक्ष्य है कि देश में उच्च शिक्षा में बेटियों की भागीदारी तेजी से बढ़े. यही वजह है कि शिक्षा मंत्रालय सकल नामांकन अनुपात यानी जीईआर को 50 प्रतिशत तक पहुंचाने पर काम कर रहा है. अभी कई राज्यों में यह आंकड़ा काफी कम है, खासकर ग्रामीण इलाकों में.

दिल्ली में 26 से 28 दिसंबर के बीच सभी राज्यों के मुख्य सचिवों की एक अहम बैठक होने जा रही है. इस बैठक में जीईआर बढ़ाने, ड्रॉपआउट रोकने और शिक्षा को ज्यादा सुलभ बनाने पर विस्तार से चर्चा होगी. माना जा रहा है कि गर्ल्स हॉस्टल योजना इसी बैठक के एजेंडे में प्रमुख रूप से शामिल होगी.

ड्रॉपआउट रोकने की तैयारी

सरकारी आंकड़े बताते हैं कि बड़ी संख्या में छात्र, खासकर छात्राएं, 12वीं के बाद पढ़ाई छोड़ देती हैं. इसके पीछे दूरी, सुरक्षा और आर्थिक कारण बड़ी वजह होते हैं. सरकार चाहती है कि इन कारणों को धीरे-धीरे खत्म किया जाए.

गर्ल्स हॉस्टल बनने से उन छात्राओं को सीधा फायदा मिलेगा, जो गांव या छोटे कस्बों से बड़े शहरों में पढ़ाई करना चाहती हैं. सुरक्षित और सस्ती रहने की सुविधा मिलने से उनके लिए कॉलेज जाना आसान हो जाएगा.

दो शिफ्ट में कॉलेज, ऑनलाइन पढ़ाई पर भी चर्चा

सिर्फ हॉस्टल ही नहीं, सरकार शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए कई और विकल्पों पर भी विचार कर रही है. राज्यों से कहा गया है कि वे जीईआर बढ़ाने के लिए अपना-अपना प्लान तैयार करें. इसमें कॉलेजों में दो शिफ्ट में कक्षाएं चलाने की संभावना भी शामिल है, ताकि ज्यादा से ज्यादा छात्रों को दाखिला मिल सके.

कितना हो सकता है शिक्षा बजट?

अगर बीते बजट की बात करें तो शिक्षा मंत्रालय के लिए कुल बजट आवंटन 1,28,650 करोड़ रुपये हुआ था. जोकि 2024-25 के मुकाबले 6.22% अधिक था. इस बार भी इसे बढ़ोतरी होने के कयास लगाए जा रहे हैं.

यह भी पढ़ें- बोर्ड एग्जाम के बीच कैसे करनी चाहिए CUET की तैयारी? ये टिप्स आएंगे आपके बेहद काम

Education Loan Information:
Calculate Education Loan EMI



Source link

Share This Article
Satish Kumar Is A Journalist With Over 10 Years Of Experience In Digital Media. He Is Currently Working As Editor At Aman Shanti, Where He Covers A Wide Variety Of Technology News From Smartphone Launches To Telecom Updates. His Expertise Also Includes In-depth Gadget Reviews, Where He Blends Analysis With Hands-on Insights.
Leave a Comment