Budget 2026 Expectations: यूनियन बजट पेश होने में अब कुछ ही समय बचा है. आज 29 जनवरी को सरकार की ओर से इकोनॉमिक सर्वे 2026 पेश किया गया है. ऐसे में देश के अलग-अलग वर्ग के लोगों की उम्मीदें भी तेज हो गई हैं. खासकर मध्यम वर्ग और नौकरीपेशा तो केंद्र सरकार से हर साल उम्मीदें लगाए रहता है.
पिछले साल वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने नौकरीपेशा लोगों को राहत देते हुए नई टैक्स व्यवस्था में 12.75 लाख रुपये तक की आय टैक्स-फ्री करने का ऐलान किया था. आइए जानते हैं, इस बार के बजट से अलग-अलग लोगों को क्या उम्मीदें है…..
सीनियर सिटिजन्स की उम्मीदें
देश के वरिष्ठ नागरिक 1 फरवीर को आने वाले बजट से खास उम्मीदें लगाएं बैठे हैं. वे चाहते हैं कि टैक्स-फ्री इनकम की सीमा को बढ़ाया जाए. ताकि उनकी सीमित आमदनी पर कम बोझ पड़े.
साथ ही हेल्थ इंश्योरेंस पर ज्यादा टैक्स छूट और फिक्स्ड डिपॉजिट व स्मॉल सेविंग्स से मिलने वाले ब्याज पर राहत देने की मांग भी की जा रही है. इसके अलावा, पेंशन और ब्याज से इनकम पाने वाले लोगों के लिए इनकम टैक्स रिटर्न भरने की प्रक्रिया को आसान बनाने की जरूरत पर वे सरकार से ध्यान की आस लगाए हुए है.
सैलरी वालों को टैक्स में राहत की उम्मीद
नौकरीपेशा लोग आने वाले बजट से टैक्स में राहत मिलने की उम्मीद कर रहे हैं. मध्यम वर्ग चाहता है कि बेसिक टैक्स छूट की सीमा बढ़ाई जाए, ताकि उनकी आमदनी पर सीधा बोझ कम हो सके. साथ ही स्टैंडर्ड डिडक्शन को मौजूदा 75 हजार रुपये से बढ़ाकर 1 लाख रुपये या उससे अधिक करने की मांग की भी जा रही है.
जिससे रोजमर्रा के खर्चों में कुछ राहत मिल सके. वहीं, नई टैक्स व्यवस्था अपनाने वाले करदाताओं की अपेक्षा है कि 30 प्रतिशत वाला टैक्स स्लैब 30 लाख रुपये तक की आय पर लागू किया जाए, ताकि सैलरी बढ़ने के बावजूद टैक्स का असर ज्यादा न हो.
शादीशुदा जोड़ों की आशा
बजट से पहले एक बार फिर शादीशुदा जोड़ों के लिए जॉइंट टैक्सेशन की मांग चर्चा में आ गई है. लंबे समय से यह मांग की जा रही है. इससे विवाहित परिवारों, खासकर सिंगल इनकम और मिडिल क्लास वर्ग पर टैक्स का दबाव कम होने की उम्मीद है. विशेषज्ञों का मानना है कि इससे कई परिवारों को राहत मिल सकती है. हालांकि इसे लागू करना आसान नहीं होगा.
LTCG टैक्स में राहत की उम्मीद
शेयर बाजार और म्यूचुअल फंड में पैसा लगाने वाले निवेशक लंबे समय से लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन (LTCG) टैक्स में छूट की मांग कर रहे हैं. उनका मानना है कि अगर इस साल बजट में टैक्स में राहत मिलती है, तो टैक्स के बाद मिलने वाला वास्तविक रिटर्न बेहतर होगा. साथ ही इससे लोगों को लंबे समय के लिए निवेश करने का फैसला लेना भी पहले से आसान हो जाएगा.
पुरानी टैक्स व्यवस्था पर स्थिति साफ करने की मांग
अब भी कई करदाता पुरानी प्रणाली को लेकर सरकार के फैसले का इंतजार कर रहे हैं. लोगों को उम्मीद है सरकार इस साल के बजट में इसके भविष्य को लेकर स्पष्ट जानकारी देगी. जिससे वे अपनी टैक्स प्लानिंग ठीक से कर सकेंगे.
लोगों का मानना है कि, अगर पुरानी व्यवस्था को अचानक खत्म किया गया तो इंश्योरेंस, होम लोन और रिटायरमेंट से जुड़ी योजनाओं को नुकसान हो सकता है. इसलिए धीरे-धीरे बदलाव करने की बात कही जा रही है.

