February 2026 Tyohar: माघ पूर्णिमा से फरवरी मास शुरू, महाशिवरात्रि, एकादशी, होलाष्टक पड़ेंगे ये खास पर्व

सतीश कुमार
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February 2026 Vrat Tyohar: फरवरी 2026 के महीने में पड़ने वाले व्रत त्योहार की सूचि तैयार है, जिसे देख आप पूरे महीने का पड़ने वाले व्रत-त्योहार और महत्वपूर्ण तिथियों की प्लानिंग कर सकते हैं. माघ पूर्णिमा के साथ फरवरी महीने की शुरुआत हुई है. इसके साथ ही इस माह महाशिवरात्रि, विजया एकादशी, आमलकी एकादशी आदि से कई पर्व पड़ेंगे होलाष्टक भी फरवरी में ही शुरुआत हो जाएगा. इसलिए यह माह बहुत ही पवित्र है. साथ ही अध्यात्मिक दृष्टी से देखा जाए तो फरवरी का महीना बहुत पुण्यदायी भी रहेगा, क्योंकि दान,पुण्य के लिए उत्तम माना जाएगा. जानें ज्योतिषाचार्य संजीत कुमार मिश्र से फरवरी 2026 में पड़ने वाले प्रमुख व्रत त्योहार की सूची.

माघ पूर्णिमा व्रत (1 फरवरी)

01 फरवरी 2026 दिन रविवार को माघ पूर्णिमा है. माघ पूर्णिमा धार्मिक दृष्टी से अलग महत्व है, स्नान पर्वो का यह अंतिम प्रतीक है. इस दिन भगवान विष्णु का पूजन किया जाता है. इस तिथि की मुख्यता है इस गंगा स्नान करने से मनुष्य की सभी तरह के बाधा दूर होती है.

फाल्गुन माह कब आरंभ (2 फरवरी)

02 फरवरी 2026 दिन सोमवार को फाल्गुन मास का आरम्भ होगा. यह महीना प्रेम, उत्साह तथा रंगोत्सव का प्रतीक है. इस महीने नकारात्मक शक्ति को समाप्त करने का संदेश देता है.

संकष्टी चतुर्थी (5 फऱवरी 2026)

संकष्टी चतुर्थी, 05 फरवरी 2026 दिन गुरुवार को मनाया जायेगा. भगवान गणेश की पूजन करने का सबसे उत्तम दिन माना जाता है. इस दिन भगवान गणेश की पूजा करने से जीवन की सभी संशय समाप्त होता है. परिवार में सुख संपति तथा वैभव की प्राप्ति होता है. दिनभर उपवास रहकर चन्द्र दर्शन तथा अर्घ्य दिया जाता है, फिर भगवान गणेश का पूजन करके व्रत तोड़ा जाता है. गणेश का पूजन करने से संतान की प्राप्ति होता है.

भानु सप्तमी और सबरी जयंती (8 फरवरी 2026)

भानु सप्तमी तथा सबरी जयंती यह त्योहार 08 फरवरी 2026 दिन रविवार को मनाया जायेगा. भानु सप्तमी भगवान सूर्यदेव की पूजा तथा उपासना का दिन माना जाता है. भानु सप्तमी को भगवान सूर्य को तांबे के लोटे में जल देने देने से, व्यक्ति निरोग रहता है,साथ ही दीर्घायु होते है,इस दिन भगवान श्री कृष्ण की माता यशोदा की जयंती मनाई जाती है. मातृत्व प्रेम तथा भक्ति एवं शक्ति का विशेष दिन माना जाता है.

जानकी जयंती तथा कालाष्टमी व्रत (9 फरवरी 2026)

09 फरवरी 2026 दिन सोमवार को मासिक कालाष्टमी तथा जानकी जयंती मनाया जाएगा. जानकी और मासिक अष्टमी एक साथ पड़ने के कारण इस व्रत के प्रभाव में वृद्धि होगी. भगवान श्री कृष्ण के साथ मां भगवती का पूजा की जाएगी.

 विजय एकादशी (13 फरवरी 2026)

विजय एकादशी 13 फरवरी 2026, दिन शुक्रवार यह व्रत फाल्गुन कृष्ण पक्ष एकादशी को किया जाता है. इस दिन भगवान विष्णु का पूजन करने से अत्यंत पुण्य का प्राप्ति होता है. विष्णु के पूजन में धुप ,दीप , नैवेद ,नारियल आदि चढ़ाया जाता है. इस व्रत के प्रभाव से कष्ट दूर होता है सभी कार्य में उन्नति होती है व्रत की कथा राम की लंका विजय से जुड़ा है.

कुंभ संक्रांति (13 फरवरी 2026)

13 फरवरी 2026 दिन शुक्रवार को कुंभ संक्रांति है. इस दिन सूर्य कुम्भ राशि में गोचर करेंगे. संक्रांति का अर्थ होता है सूर्य जब राशि परिवर्तन करे उसे संक्रांति कहा जाता है,कुम्भ राशि शनि की राशि है. शनि की राशि में सूर्य का गोचर करना अनुकूल नहीं माना जाता है. ज्योतिषशास्त्र के अनुसार सूर्य शनि के राशि में गोचर करते है अनुकूल नहीं माना जाता है. इस दिन काला तिल, काला उड़द दान करने से शनि के प्रभाव समाप्त करने का उत्तम दिन होता है.

प्रदोष व्रत कृष्ण पक्ष (14 फरवरी)

प्रदोष व्रत 14 फरवरी 2026 दिन शनिवार को प्रदोष व्रत मनाया जाएगा. भगवान शंकर के सबसे प्रिय व्रत है इस दिन भगवान कैलाश पर संध्या काल में तांडव करते है. पंचांग के अनुसार महीने में दो बार प्रदोष मनाया जाता है एक शुक्ल पक्ष तथा दूसरा कृष्ण पक्ष. प्रदोष व्रत विशेषकर दीर्घायु के लिए किया जाता है. इनके पूजन से भगवान शिव प्रसन्न होकर सभी मनोकामना पूर्ण करते है. शनिवार को प्रदोष पड़ने के कारण व्रत का प्रभाव में वृद्धि होता है.

महाशिवरात्रि (15 फरवरी)

मासिक शिवरात्रि 15 फरवरी 2026 दिन रविवार को यह व्रत मनाया जाएगा. महाशिवरात्रि फाल्गुन कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को मनाया जाता है. इस दिन शिव मंदिर में विशेष तौर पर पूजा पाठ किया जाया है. भगवान शंकर को प्रसन्न करने के लिए विधि विधान से पूजा तथा अभिषेक करते है. भगवान शंकर को बेलपत्र तथा जल एवं दूध से पूजन तथा अभिषेक करते है. चंद्रमा से सम्बंधित दोष दूर करने के लिए पूजा पाठ किया जाता है.

फाल्गुन अमावस्या (17 फरवरी)

17 फरवरी 2026 दिन मंगलवार को फाल्गुन अमावस्या का व्रत है. पंचांग के अनुसार फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष के अमावस्या को फाल्गुन अमावस्या कहा जाता है. पितृ दोष के दूर करने के लिए उत्तम माना जाता है. इस दिन को दर्श अमावस्या के नाम से जाना जाता है,पितृ पूजन तथा तर्पण के लिए उत्तम दिन माना जाता है.

होलाष्टक (24 फरवरी 2026) 

24 फरवरी 2026 दिन मंगलवार से होलाष्टक आरम्भ होगा. होलाष्टक में नया कार्य नहीं किया जाता है. विशेषकर विवाह आदि शुभ कार्य नहीं किया जाता है.

आमलकी एकादशी (27 फरवरी)

आमलकी एकादशी का व्रत फाल्गुन शुक्लपक्ष एकादशी को किया जाता है. आंवले के वृक्ष में भगवान का निवास होने के कारण इस दिन भगवान विष्णु का पूजन किया जाता है इसे रंगभरी एकादशी भी कहते है.

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.



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Satish Kumar Is A Journalist With Over 10 Years Of Experience In Digital Media. He Is Currently Working As Editor At Aman Shanti, Where He Covers A Wide Variety Of Technology News From Smartphone Launches To Telecom Updates. His Expertise Also Includes In-depth Gadget Reviews, Where He Blends Analysis With Hands-on Insights.
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