अगर ऐसा किया तो फोन हो जाएगा खराब, बैटरी भी नहीं चलेगी, आज ही सुधार लें यह आदत

सतीश कुमार
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अधिकतर लोग फोन की चार्जिंग को लेकर ज्यादा नहीं सोचते हैं. कई लोग फोन को तभी चार्ज करते हैं, जब वह पूरी तरह डिस्चार्ज होकर बंद हो जाए. इसी तरह ऐसे भी लोग हैं, जो फोन को चार्जिंग पर लगाकर छोड़ देते हैं और कई घंटों बाद बंद करते हैं. इससे फोन की बैटरी फुल होने के बाद भी लगातार चार्ज होती रहती है. अगर चार्जिंग को लेकर आपकी भी आदतें ऐसी हैं तो इन्हें बदलने की जरूरत है. अगर आप फोन को पूरी तरह डिस्चार्ज होने के बाद ही चार्ज करते हैं तो यह बैटरी और फोन दोनों को नुकसान पहुंचा सकता है.

0 से 100 परसेंट बैटरी चार्ज होने पर क्या होता है?

आजकल अधिकतर फोन में लिथियम-आयन बैटरी आती है, जिसमें फिक्स्ड चार्ज साइकिल होते हैं. ये बैटरियां टाइम से नहीं बल्कि चार्ज साइकिल से पुरानी होती हैं. 100 प्रतिशत चार्ज होने के बाद जब यह पूरी तरह डिस्चार्ज होती है तो यह एक चार्ज साइकिल माना जाता है. ऐसे में अगर आप बार-बार बैटरी फुल चार्ज होने के बाद इसे पूरी तरह डिस्चार्ज होने देंगे तो इसके चार्ज साइकिल जल्द खत्म होंगे. इसी तरह बार-बार ऐसे चार्ज करने से बैटरी की इंटरनल स्ट्रक्चर पर असर पड़ता है, जिससे इसकी हेल्थ और लाइफ कम होती है.

इससे फोन की परफॉर्मेंस पर क्या असर पड़ता है?

जब फोन की बैटरी खराब होने लगती है तो यह पावर डिमांड को हैंडल नहीं कर पाती. इस कारण ऐप्स को ओपन होने में थोड़ा समय लगने लगता है. इसी तरह जब बैटरी लगातार रिलायबल पावर डिलीवर नहीं कर पाती तो फोन का सिस्टम प्रोसेसर को स्लो कर देता है. इस कारण फोन की परफॉर्मेंस भी काफी स्लो हो जाती है. इसका एक और असर पीक ब्राइटनेस पर भी पड़ता है. जब बैटरी ठीक तरीके से काम नहीं करती तो फोन पीक ब्राइटनेस समेत कई चीजों को लिमिट कर देता है जिससे फोन यूज करने का एक्सपीरियंस खराब होता है.

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Satish Kumar Is A Journalist With Over 10 Years Of Experience In Digital Media. He Is Currently Working As Editor At Aman Shanti, Where He Covers A Wide Variety Of Technology News From Smartphone Launches To Telecom Updates. His Expertise Also Includes In-depth Gadget Reviews, Where He Blends Analysis With Hands-on Insights.