UAE Deadline to Pakistan: पाकिस्तान के लिए मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने पाकिस्तान को 2 अरब डॉलर का कर्ज दिया था, जिसे अब अगले एक महीने में मौजूदा 6.5 परसेंट ब्याज दर के साथ लौटाने की बात कही है. संघीय सरकार और सेंट्रल बैंक के वरिष्ठ अधिकारियों के हवाले से द एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रिपोर्ट में बताया गया है कि UAE ने 1-1 अरब डॉलर के दो लोन को आगे बढ़ाया है, जो 16 और 22 जनवरी को मैच्योर हो गए हैं.
यूएई ने लोन पर अपना सख्त रूख
उन्होंने कहा कि कर्ज को एक महीने के लिए आगे बढ़ाया गया है ताकि अवधि और ब्याज दर पर आगे की बातचीत के लिए समय मिल सके. पाकिस्तान चाहता है कि UAE से मिले लोन के लिए दो साल का रोलओवर मिले और इस पर लगभग 3 परसेंट की दर से ब्याज दर चाहता है.
हालांकि, यूएई ने सख्त रूख अपनाते हुए अब सिर्फ 30 दिन का ही समय दिया है. अधिकारियों ने कहा कि कर्ज को आगे बढ़ाने के लिए एक और बार अनुरोध किया जा रहा है क्योंकि इसके भुगतान से एक फाइनेंसिंग गैप पैदा होगा जिसे अन्य स्रोतों से भरने की आवश्यकता होगी.
क्यों यूएई ने लिया सख्त एक्शन?
ऐसा माना जा रहा है कि यमन में अलगाववादी समूहों को समर्थन देने के मुद्दे पर सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात के बीच विवाद में पाकिस्तान के सऊदी का साथ देने के मुद्दे पर अब यूएई ने पाकिस्तान के खिलाफ सख्त रवैया अपनाने का फैसला लिया है. पाकिस्तान से अचानक से इतनी बड़ी रकम एक बार में और वह भी इतने कम समय में चुकाना किसी चुनौती से कम नहीं होगी.
अब देखना है कि क्या यूएई लोन चुकाने की अवधि बढ़ाने की पाकिस्तान की अपील पर किस तरह की प्रतिक्रियाएं देता है? इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड के साथ पाकिस्तान के 7 अरब डॉलर के प्रोग्राम के तहत, UAE, सऊदी अरब और चीन ने अगले साल सितंबर में प्रोग्राम खत्म होने तक स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान में कुल 12.5 अरब डॉलर जमा रखने का वादा किया है.

