Early Cancer Symptoms: शरीर में होने वाले इन छोटे बदलावों को न करें इग्नोर, एक्सपर्ट ने बताए कैंसर के शुरुआती संकेत

सतीश कुमार
3 Min Read

Signs Of Cancer You Should Not Ignore: कैंसर अक्सर बिना शोर किए शुरू होता है, कुछ ऐसे हल्के संकेतों के साथ, जिन्हें लोग आम तौर पर नजरअंदाज कर देते हैं. लेकिन इन्हीं शुरुआती लक्षणों को समय रहते पहचान लिया जाए, तो जिंदगी बचाई जा सकती है. रायपुर स्थित आईटीएसए हॉस्पिटल्स के कंसल्टेंट सर्जिकल ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. जयेश शर्मा ने 1 नवंबर इंस्टाग्राम पोस्ट के जरिए भारत में पाए जाने वाले आम कैंसर और उनके शुरुआती चेतावनी संकेतों पर ध्यान दिलाया है.

कहते हैं एक्सपर्ट

डॉ. शर्मा के मुताबिक, मुंह के भीतर कोई सूजन, छाला या घाव अगर कई हफ्तों तक ठीक न हो, तो इसे सामान्य समझकर टालना बड़ी भूल हो सकती है. वह बताते हैं कि ऐसा लक्षण ओरल कैंसर का शुरुआती संकेत हो सकता है. अक्सर लोग इसे मामूली इन्फेक्शन मानकर छोड़ देते हैं, जिससे बीमारी की पहचान देर से होती है और इलाज भी टल जाता है.

एक और अहम चेतावनी संकेत है असामान्य ब्लीडिंग. डॉ. शर्मा उदाहरण देते हुए कहते हैं कि पुरानी फिल्मों में दिखाया जाता था कि कोई खांसते हुए रूमाल पर खून थूक देता है असल जिंदगी में यह लंग कैंसर का रेड फ्लैग हो सकता है. ऐसे छोटे लेकिन गंभीर संकेतों को अगर समय पर पहचाना जाए, तो बीमारी को शुरुआती स्टेज में पकड़ा जा सकता है.

महिलाओं में कैंसर

महिलाओं के संदर्भ में डॉ. शर्मा बताते हैं कि सर्वाइकल कैंसर भारत में महिलाओं में दूसरा सबसे आम कैंसर है. इसका एक शुरुआती संकेत असामान्य या लगातार होने वाली वजाइना से ब्लीडिंग है. वह कहते हैं कि इसका मकसद डर पैदा करना नहीं, बल्कि जागरूकता बढ़ाना है. अगर ब्लीडिंग आपके सामान्य चक्र से मेल नहीं खाती या मेनोपॉज के बाद हो रही है, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है.

हालांकि, डॉ. शर्मा यह भी साफ करते हैं कि हर बार घबराने की जरूरत नहीं होती. कभी-कभी मसूड़ों से खून आना या पीरियड्स का अनियमित होना सामान्य भी हो सकता है. फर्क लगातार और बार-बार होने में है. अगर कोई लक्षण बार-बार लौट रहा है, तो यह शरीर का संकेत हो सकता है कि कुछ ठीक नहीं है. ऐसे में समय पर जांच और इलाज ज़िंदगी बचा सकता है.

रेगुलर चेकअप कराने की जरूरत

अंत में डॉ. शर्मा लोगों से अपने शरीर की बात सुनने और नियमित हेल्थ चेक-अप कराने की अपील करते हैं. उनका कहना है कि कैंसर अक्सर दर्द से नहीं, बल्कि छोटे-छोटे बदलावों से शुरू होता है. इन संकेतों को जल्दी पहचान लिया जाए, तो इलाज के नतीजे बेहतर होते हैं और जान बचने की संभावना बढ़ जाती है.

Share This Article
Satish Kumar Is A Journalist With Over 10 Years Of Experience In Digital Media. He Is Currently Working As Editor At Aman Shanti, Where He Covers A Wide Variety Of Technology News From Smartphone Launches To Telecom Updates. His Expertise Also Includes In-depth Gadget Reviews, Where He Blends Analysis With Hands-on Insights.