Cancer Treatment Cost In India: अब सस्ता होगा कैंसर का इलाज, GST कटौती से दवाएं सस्ती, जानें कैसे मिलेगा मरीजों को राहत

सतीश कुमार
3 Min Read

How GST Reduction Can Lower Cancer Treatment Costs: कैंसर को रोकने के लिए क्या कदम उठाया जा सकता है, इसपर चर्चा होती है. हालांकि, भारत में कैंसर का इलाज लंबे समय से एक बड़ी हेल्थ चैलेंज रहा है. महंगी दवाएं, सीमित बीमा कवरेज और इलाज तक मुश्किल पहुंच की वजह से लाखों मरीज और उनके परिवार आर्थिक दबाव में आ जाते हैं. ऐसे में केंद्र सरकार द्वारा GST सिस्टम में किए गए हालिया बदलावों को कैंसर के इलाज और सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिहाज से अहम कदम माना जा रहा है.

दवाओं को टैक्स फ्री करने की सिफारिश

GST काउंसिल की 56वीं बैठक में कैंसर और रेयर बीमारियों की 33 जीवनरक्षक दवाओं को पूरी तरह टैक्स फ्री करने की सिफारिश की गई थी. इन दवाओं पर पहले 5 प्रतिशत से 12 प्रतिशत तक जीएसटी लगता था. लेकिन अब टैक्स हटने से इलाज की कुल लागत कम होने की उम्मीद है, खासकर उन मरीजों के लिए जो लंबे समय तक महंगी दवाओं पर निर्भर रहते हैं.

क्या कहते हैं एक्सपर्ट?

एम्स दिल्ली के रेडियोलॉजी डिपार्टमेंट में एमडी डॉ. अभिषेक शंकर का मानना है कि कई पेटेंटेड कैंसर दवाएं इतनी महंगी होती हैं कि मरीज इलाज बीच में छोड़ने को मजबूर हो जाते हैं. जीएसटी हटने से दवाओं की कीमत घटेगी, जिससे इलाज की निरंतरता और सर्वाइवल रेट बेहतर हो सकता है. इसके अलावा, व्यक्तिगत हेल्थ और लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसियों को जीएसटी से बाहर रखने की सिफारिश भी की गई है, जिससे बीमा लेना आम लोगों के लिए सस्ता हो सकता है.

तंबाकू उत्पादों पर टैक्स बढ़ाने से उम्मीद

स्वास्थ्य के नजरिए से एक और अहम फैसला तंबाकू उत्पादों पर टैक्स बढ़ाने का है. तंबाकू को कैंसर का सबसे बड़ा कारण माना जाता है. टैक्स बढ़ने से इसकी खपत कम होने की संभावना है, जिससे भविष्य में कैंसर, हार्ट डिजीज और सांस की बीमारियों के मामलों में कमी आ सकती है. रिसर्च बताती है कि तंबाकू पर ज्यादा टैक्स खासकर गरीब और मध्यम वर्ग में सेवन घटाने में ज्यादा असरदार होता है.

शुरुआती जांच और इलाज का खर्च होने की संभावना

जीएसटी में कटौती का फायदा सिर्फ दवाओं तक सीमित नहीं है. डायग्नोस्टिक टेस्ट, सर्जिकल उपकरण और मेडिकल सप्लाई पर टैक्स घटने से शुरुआती जांच और इलाज का खर्च भी कम हो सकता है. हेल्थ एक्सपर्ट्स मानते हैं कि जब जांच सस्ती होती है, तो लोग समय पर टेस्ट कराते हैं, जिससे बीमारी जल्दी पकड़ में आती है. हालांकि एक्सपर्ट यह भी चेतावनी देते हैं कि इन नीतियों का असली असर तभी दिखेगा, जब टैक्स में मिली राहत पूरी तरह मरीजों तक पहुंचे. अगर कंपनियां कीमतें कम नहीं करतीं, तो फायदा सीमित रह सकता है. सरकार ने इंडस्ट्री से यह आग्रह किया है कि वे टैक्स में कटौती का पूरा फायदा ग्राहकों तक पहुंचाएं.

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Satish Kumar Is A Journalist With Over 10 Years Of Experience In Digital Media. He Is Currently Working As Editor At Aman Shanti, Where He Covers A Wide Variety Of Technology News From Smartphone Launches To Telecom Updates. His Expertise Also Includes In-depth Gadget Reviews, Where He Blends Analysis With Hands-on Insights.