Energy Drinks Side Effects: | Do You Drink Energy Drinks Here How Caffeine and Sugar Are Damaging Your Kidneys

सतीश कुमार
5 Min Read

Are Energy Drinks Harmful For Kidneys: आज के समय में लोग हर चीज तुरंत असर वाली चाहते हैं. इसी सोच का नतीजा हैं मार्केट में मिलने वाले एनर्जी ड्रिंक्स, जिन्हें इंस्टेंट एनर्जी के नाम पर बेचा जाता है. इन ड्रिंक्स में आमतौर पर बहुत ज्यादा शुगर और कैफीन होता है, जिसकी वजह से पीते ही शरीर में फुर्ती महसूस होती है. लेकिन यह फुर्ती असली एनर्जी नहीं, बल्कि शरीर पर पड़ने वाला एक तरह का दबाव होती है.

क्या निकला रिसर्च में?

एनर्जी ड्रिंक्स में मौजूद कैफीन, शुगर और प्रिजर्वेटिव्स मिलकर किडनी में सूजन बढ़ाते हैं और खून से जहरीले तत्वों को छानने की उनकी क्षमता को नुकसान पहुंचाते हैं. साउथ डकोटा स्टेट यूनिवर्सिटी ने 2008 से 2020 के बीच दुनिया भर में हुई स्टडीज की रिव्यू की. 15 से ज्यादा वैज्ञानिक रिसर्च के आधार पर सामने आया कि एनर्जी ड्रिंक्स किडनी पर अतिरिक्त बोझ डालते हैं और लंबे समय में किडनी, लिवर और दिल तीनों को नुकसान पहुंचा सकते हैं. एक्सपर्ट्स का कहना है कि कई मामलों में ये ड्रिंक्स शराब और सोडा से भी ज्यादा खतरनाक साबित होते हैं.

क्या कहते हैं एक्सपर्ट?

पटना स्थित एक निजी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के डॉक्टर विमल कुमार राय के मुताबिक, शराब जहां शरीर को डिहाइड्रेट करती है और सोडा शुगर लोड बढ़ाता है, वहीं एनर्जी ड्रिंक्स दोनों का कॉम्बिनेशन हैं. इससे एक साथ डिहाइड्रेशन और ब्लड शुगर बढ़ता है. किडनी को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है, जिससे फिल्टर यूनिट्स थकने लगती हैं, सूजन बढ़ती है और डैमेज का खतरा बढ़ जाता है.

एनर्जी ड्रिंक्स में हाई-फ्रक्टोज कॉर्न सिरप, कैफीन, टॉरिन, आर्टिफिशियल स्वीटनर और सोडियम बेंजोएट जैसे केमिकल्स होते हैं. ये तत्व किडनी सेल्स में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस बढ़ाते हैं. बार-बार इन केमिकल्स को फिल्टर करने से माइक्रो-इंजरी होती है, जो धीरे-धीरे क्रॉनिक किडनी डिजीज में बदल सकती है.

यूरिक एसिड तेजी से बढ़ाती है

हाई-फ्रक्टोज शुगर शरीर में यूरिक एसिड तेजी से बढ़ाती है, जो सीधे किडनी फिल्टर पर हमला करता है. इससे किडनी में सूजन, हाई ब्लड प्रेशर और स्टोन का खतरा बढ़ जाता है. वहीं सिंथेटिक शुगर मेटाबॉलिज़्म को गुमराह करती है, असली एनर्जी नहीं देती और मोटापा, फैटी लिवर व इंसुलिन रेजिस्टेंस बढ़ाती है. इसका सारा बोझ आखिरकार किडनी को उठाना पड़ता है. डेली एनर्जी ड्रिंक लेने से शरीर में क्रॉनिक इंफ्लेमेशन शुरू हो सकता है. शुरुआत में लक्षण नजर नहीं आते, लेकिन अंदर ही अंदर किडनी डैमेज होती रहती है. कैफीन ब्लड प्रेशर बढ़ाता है, खून को गाढ़ा करता है और लंबे समय में किडनी की फिल्टरिंग क्षमता घटा देता है.

क्या होती है दिक्कत?

एक्सपर्ट्स बताते हैं कि एनर्जी ड्रिंक्स पीने से जो एनर्जी महसूस होती है, वह असल में दिमाग में थकान के सिग्नल को दबाने का नतीजा होती है. शरीर थका रहता है, लेकिन ब्रेन उसे महसूस नहीं करता. इससे हार्मोनल असंतुलन, हाई बीपी और इम्युनिटी कमजोर होने लगती है.

अगर कोई रोज एनर्जी ड्रिंक्स लेता है, तो उसे तुरंत इन्हें बंद करना चाहिए. दिन में 2.5–3 लीटर पानी पिएं, नमक और प्रोसेस्ड फूड कम करें, ब्लड प्रेशर और किडनी टेस्ट कराएं, कैफीन सीमित रखें और रोज़ाना हल्की वॉक करें. नेचुरल एनर्जी के लिए नींबू पानी, नारियल पानी, छाछ, फल, स्प्राउट्स और ड्राई फ्रूट्स बेहतर विकल्प हैं.

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Satish Kumar Is A Journalist With Over 10 Years Of Experience In Digital Media. He Is Currently Working As Editor At Aman Shanti, Where He Covers A Wide Variety Of Technology News From Smartphone Launches To Telecom Updates. His Expertise Also Includes In-depth Gadget Reviews, Where He Blends Analysis With Hands-on Insights.