हर वेबसाइट पर क्यों पूछा जाता है CAPTCHA? क्या सच में आप इंसान हैं या इसके पीछे है कोई बड़ा राज

सतीश कुमार
3 Min Read

What is CAPTCHA: आज इंटरनेट इस्तेमाल करते समय आपने देखा होगा कि लगभग हर वेबसाइट पर लॉगिन, फॉर्म भरने या पेमेंट से पहले CAPTCHA भरना पड़ता है. कभी ट्रैफिक लाइट चुनने को कहा जाता है तो कभी टेढ़े-मेढ़े अक्षर पहचानने होते हैं. ऐसे में सवाल उठता है क्या वेबसाइट सच में यह जानना चाहती है कि आप इंसान हैं या इसके पीछे कोई और वजह छिपी है?

CAPTCHA आखिर है क्या?

CAPTCHA का पूरा नाम है Completely Automated Public Turing test to tell Computers and Humans Apart. आसान शब्दों में कहें तो यह एक ऐसा डिजिटल टेस्ट है जिससे वेबसाइट यह पहचानती है कि सामने कोई इंसान है या कोई बॉट यानी ऑटोमैटिक सॉफ्टवेयर. बॉट्स अक्सर फर्जी अकाउंट बनाने, स्पैम फैलाने या डेटा चोरी करने के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं.

बॉट्स से बचाव की पहली ढाल

इंटरनेट पर हर सेकंड लाखों ऑटोमेटेड प्रोग्राम एक्टिव रहते हैं. ये बॉट्स वेबसाइट पर फर्जी कमेंट कर सकते हैं, वोटिंग सिस्टम से छेड़छाड़ कर सकते हैं या सर्वर पर अनावश्यक लोड डाल सकते हैं. CAPTCHA इन बॉट्स को रोकने का सबसे आसान और असरदार तरीका है क्योंकि इंसान जो काम आसानी से कर लेता है वही काम मशीन के लिए मुश्किल हो जाता है.

सुरक्षा के साथ डेटा की सुरक्षा भी

CAPTCHA सिर्फ वेबसाइट को सुरक्षित नहीं बनाता बल्कि यूजर्स के डेटा की भी हिफाजत करता है. अगर कोई बॉट बड़ी संख्या में लॉगिन ट्राय करे या फॉर्म सबमिट करे तो इससे डेटा लीक या अकाउंट हैक होने का खतरा बढ़ जाता है. CAPTCHA ऐसे हमलों को काफी हद तक रोक देता है.

नए जमाने का स्मार्ट CAPTCHA

पहले CAPTCHA में केवल अक्षर पहचानने होते थे लेकिन अब तकनीक बदल चुकी है. आज के reCAPTCHA आपके माउस मूवमेंट, क्लिक करने के तरीके और ब्राउज़िंग पैटर्न तक को एनालाइज करते हैं. कई बार सिर्फ I’m not a robot पर क्लिक करना ही काफी होता है क्योंकि सिस्टम बैकग्राउंड में आपकी एक्टिविटी देखकर फैसला कर लेता है.

क्या CAPTCHA हमारे लिए झंझट है?

बेशक, बार-बार CAPTCHA भरना कई लोगों को परेशान करता है. खासकर तब, जब सही इमेज चुनने के बाद भी सिस्टम दोबारा टेस्ट दिखा दे. लेकिन अगर यह सुविधा न हो तो इंटरनेट पर फर्जीवाड़ा और साइबर क्राइम कई गुना बढ़ सकता है.

इसके पीछे छिपा असली राज

CAPTCHA का असली मकसद सिर्फ यह साबित करना नहीं है कि आप इंसान हैं, बल्कि यह इंटरनेट को सुरक्षित, भरोसेमंद और स्पैम-फ्री बनाए रखने का एक अहम हथियार है. यह छोटी-सी प्रक्रिया हमें ऑनलाइन दुनिया में बड़ी मुसीबतों से बचाती है.

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Satish Kumar Is A Journalist With Over 10 Years Of Experience In Digital Media. He Is Currently Working As Editor At Aman Shanti, Where He Covers A Wide Variety Of Technology News From Smartphone Launches To Telecom Updates. His Expertise Also Includes In-depth Gadget Reviews, Where He Blends Analysis With Hands-on Insights.