बाराबंकी तिलक मामले पर काशी के धर्माचार्य ने कहा- खालिस्तान और हिंदुस्तान में फर्क नहीं !

सतीश कुमार
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Barabanki Tilak Case: बाराबंकी में एक शर्मनाक घटना सामने आई है. कस्वा देव स्थित सूफी संत हाजी वारिस अली शाह के ऐतिहासिक दरगाह के बाहर एक विशेष समुदाय का युवक दूसरे युवक के माथे पर लगे तिलक को पानी से धोता है. यह घटना गुरुवार की बताई जा रही है.

तिलक मिटाने यह घटना शहरभर में फैल गई. आसपास के लोगों ने भी घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है. स्थानीय लोगों के मुताबिक हाजी वारिस अली शाह की दरगाह हमेशा अमन, भाईचारा और सौहार्द की पहचान है.

ABP News के संवाददाता निशांत चतुर्वेदी ने इस मामले में काशी के धर्मचार्य के.के. उपाध्याय (वरुणा नदी-आरती आयोजक) से खास बाचतीत की. देखें तिलक मामले और तिलक के महत्व को लेकर काशी के धर्माचार्य ने क्या कहा?

के के उपाध्याय ने दी बाराबंकी की घटना पर प्रतिक्रिया- यह तो बहुत ही शर्मनाक और निंदनीय घटना है. कारण यह है कि सनातन धर्म में तिलक का बहुत बड़ा महत्व है और क्योंकि हम लोग भी काशी में रहते हैं और बचपन से तिलक धारण करते हैं और तिलक जो है हिंदू सनातन के हिसाब से हमारे माथे का ताज है. इसके साथ अगर किसी ने छेड़छाड़ करने का प्रयास किया है तो इसकी हम घोर निंदा करते हैं. ऐसे अराजक तत्व के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए. क्योंकि भारत को हिंदुस्तान भी कहा जाता है तो हिंदुस्तान में अगर हिंदू सुरक्षित नहीं रहेगा, अपने माथे पर तिलक नहीं लगा पाएगा, पूजा पाठ नहीं कर पाएगा तो खालिस्तान और हिंदुस्तान में अंतर क्या है, जिन्होंने ऐसा कृत्य किया है उनके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए यह हमारी मांग है.

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Satish Kumar Is A Journalist With Over 10 Years Of Experience In Digital Media. He Is Currently Working As Editor At Aman Shanti, Where He Covers A Wide Variety Of Technology News From Smartphone Launches To Telecom Updates. His Expertise Also Includes In-depth Gadget Reviews, Where He Blends Analysis With Hands-on Insights.