How to jump-start a car battery: कार की बैटरी को जंप-स्टार्ट करना एक बहुत जरूरी स्किल है. खासकर ये तब जरूरी हो जाता है जब आप सड़क पर अचानक फंस जाएं और बैटरी डिस्चार्ज हो जाए. ये समस्या ज्यादातर सर्दियों में, लंबे समय तक गाड़ी न चलाने पर या लाइट्स-एसी आदि को बंद न करने पर होती है.
जंप-स्टार्ट करने से आप दूसरी कार की मदद से अपनी कार की बैटरी में चार्ज ट्रांसफर कर सकते हैं और गाड़ी स्टार्ट कर सकते हैं. ये प्रक्रिया आसान है, लेकिन सावधानी बहुत जरूरी है क्योंकि गलत तरीके से करने पर शॉर्ट सर्किट, आग लगने या बैटरी फटने का खतरा हो सकता है. हमेशा सेफ्टी को प्राथमिकता दें. इस गाइड में हम स्टेप-बाय-स्टेप बताएंगे कि कार बैटरी को सुरक्षित रूप से कैसे जंप-स्टार्ट किया जा सकता है.
जरूरी सामान जुटाएं
सबसे पहले जरूरी सामान इकट्ठा करें. इसमें एक जोड़ी अच्छी क्वालिटी की जंपर केबल और एक दूसरी कार चाहिए, जिसकी बैटरी पूरी तरह चार्ज हो. दोनों कारों को एक-दूसरे के बहुत करीब पार्क करें, लेकिन बंपर या कोई हिस्सा टच न होने दें. दोनों कारों का इग्निशन पूरी तरह बंद कर दें, पार्किंग ब्रेक लगाएं और सभी लाइट्स, एसी, रेडियो आदि बंद कर दें. अब स्टेप-बाय-स्टेप प्रोसेस पर नजर डालते हैं.
स्टेप-1: दोनों कारों का बोनेट खोलें और बैटरी लोकेट करें. ज्यादातर कारों में बैटरी इंजन बे में सामने होती है. बैटरी पर दो टर्मिनल होते हैं- पॉजिटिव (+) जिस पर ‘+’ का निशान होता है और नेगेटिव (-) जिस पर ‘-‘ का निशान होता है. टर्मिनल्स को साफ करें अगर उन पर जंग या गंदगी हो.
स्टेप-2: जंपर केबल को सही क्रम में कनेक्ट करें
- सबसे पहले रेड क्लैंप को डेड (खराब) बैटरी के पॉजिटिव (+) टर्मिनल से जोड़ें.
- अब इसी केबल का दूसरा रेड क्लैंप अच्छी (चार्ज वाली) बैटरी के पॉजिटिव (+) टर्मिनल से कनेक्ट करें.
- फिर ब्लैक क्लैंप को अच्छी बैटरी के नेगेटिव (-) टर्मिनल से जोड़ें.
- आखिरी ब्लैक क्लैंप को डेड कार के किसी अनपेंटेड मेटल पार्ट से जोड़ें. जैसे इंजन ब्लॉक, ब्रैकेट या चेसिस.
स्टेप 3: अब अच्छी कार को स्टार्ट करें और उसे 2-5 मिनट तक आईडल (बिना एक्सेलरेटर दबाए) चलने दें. इससे चार्ज डेड बैटरी में ट्रांसफर होगा. अगर जरूरत हो तो हल्का-हल्का एक्सेलरेटर दबाकर 2000 RPM तक रख सकते हैं.
स्टेप 4: अब डेड कार को स्टार्ट करने की कोशिश करें. अगर स्टार्ट हो जाए तो शानदार! 5-10 मिनट तक दोनों कारें चलती रहने दें, ताकि डेड बैटरी में अच्छा चार्ज आ जाए.
स्टेप 5: डिस्कनेक्ट करने का क्रम उल्टा रखें
- पहले ब्लैक क्लैंप को डेड कार के मेटल पार्ट से हटाएं.
- फिर ब्लैक क्लैंप को अच्छी बैटरी के नेगेटिव (-) से हटाएं.
- अब रेड क्लैंप को अच्छी बैटरी के पॉजिटिव (+) से हटाएं.
- आखिर में रेड क्लैंप को डेड बैटरी के पॉजिटिव (+) से हटाएं.
स्टेप 6: डेड कार को कम से कम 20-30 मिनट तक चलाते रहें या ड्राइव करें ताकि अल्टरनेटर बैटरी को पूरी तरह चार्ज कर सके. इस तरह आप खुद ही अपनी कार को स्टार्ट कर सकते हैं और महंगे मैकेनिक बुलाने से बच सकते हैं. अगर बैटरी बार-बार डिस्चार्ज हो रही है, तो मैकेनिक से चेक करवाएं. इसमें अल्टरनेटर, बैटरी या कोई पारासिटिक ड्रेन हो सकता है.

