रात के समय ड्राइविंग के दौरान कार की हेडलाइट का ब्राइटनेस बढ़ाना सेफ्टी के लिए बहुत जरूरी है. खासकर ग्रामीण सड़कों, कोहरा और कम लाइटिंग वाली जगहें पर अच्छी रोशनी न होने से दुर्घटना का खतरा कई गुना बढ़ जाता है. भारत में अधिकांश कारों में अभी भी पुराने हैलोजन बल्ब लगे होते हैं, जिनकी रोशनी समय के साथ कम हो जाती है.
1. हेडलाइट लेंस की सफाई
समय के साथ हेडलाइट का प्लास्टिक कवर ऑक्सीडेशन (पीला पड़ना), धूल, कीचड़ और UV डैमेज से धुंधला हो जाता है. इससे 40-70% रोशनी ब्लॉक हो जाती है. इसे हफ्ते में एक बार मुलायम कपड़े, कार शैम्पू और पानी से साफ करें. पीलापन होने पर आप पुराना सफेद टूथपेस्ट (कोलगेट जैसा) लगाकर 10-15 मिनट गोल-गोल रगड़कर साफ कर सकते हैं.
2. पुराने बल्ब को बदलें
फैक्ट्री वाले 55W/60W हैलोजन बल्ब एक समय के बाद कमजोर हो जाते हैं. इन्हें बदलकर ब्राइटनेस 100-300% तक बढ़ सकती है. आप हजार-दो हजार रुपये खर्च करके Philips या Bosch के अच्छे ब्राइटनेस वाले बल्ब लगवा सकते हैं. ये ज्यादा लुमेन देते हैं और फोकस अच्छा रहता है.
3. हेडलाइट बीम एलाइनमेंट ठीक करें
गलत एलाइनमेंट से रोशनी सड़क पर नहीं, बल्कि ऊपर या नीचे पड़ती है. कार को 5-10 मीटर दूर सपाट दीवार के सामने खड़ी करें. लो बीम ऑन करें, हेडलाइट के पीछे एडजस्टमेंट स्क्रू से ऊपर-नीचे और लेफ्ट-राइट सेट करें. लो बीम का कट-ऑफ हॉरिजॉंटल लाइन से 10-15 सेमी नीचे होना चाहिए. इससे 60-80 मीटर तक क्लियर विजिबिलिटी मिलती है.
4. हेडलाइट रिले वायरिंग किट लगवाएं
पुरानी कारों में वायरिंग पतली होती है. इससे वोल्टेज ड्रॉप (11-12V) से बल्ब फुल ब्राइट नहीं दे पाते. इसके लिए आप Relay Wiring Harness Kit लगवा सकते हैं. ये बैटरी से डायरेक्ट 13.8-14V पावर देता है. इससे हैलोजन या LED दोनों में 20-50% एक्स्ट्रा ब्राइटनेस मिलती है. खासकर हाई बीम में फर्क साफ दिखता है.
5. प्रोजेक्टर हेडलाइट कन्वर्जन
रिफ्लेक्टर टाइप हेडलाइट से प्रोजेक्टर में बदलें. प्रोजेक्टर बेहतर फोकस, शार्प कट-ऑफ और दूर तक रोशनी देते हैं. LED या अच्छे हैलोजन के साथ कम्बाइन करें. ये सबसे प्रोफेशनल अपग्रेड है. बहुत ज्यादा ब्राइट LED/HID (जैसे 100W+) या ब्लू/कलर्ड लाइट्स गैर-कानूनी हैं. बल्ब चेंज करते समय लीगलिटी का जरूर ध्यान रखें.
इन 5 जरूरी स्टेप्स को फॉलो करके आप हेडलाइट की ब्राइटनेस 50% से 100% तक बढ़ा सकते हैं. सबसे पहले सफाई और बल्ब चेंज से शुरू करें, फिर रिले और एलाइनमेंट. इससे नाइट ड्राइविंग सेफ, कम थकान वाली और मजेदार हो जाएगी. कार में ऐसा मॉडिफिकेशन ही कराएं, जो लीगल हो और दूसरों को नुकसान न पहुंचाए.

