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India US Trade Deal: भारत और अमेरिका के बीच अंतरिम व्यापार समझौते से Harley-Davidson जैसी अमेरिकी ICE गाड़ियों को बड़ी राहत मिली है. हालांकि, EV सेगमेंट को बाहर रखने से Tesla को झटका लगा है. ऊंची इंपोर्ट ड्यूटी के कारण Model Y अब भी महंगी बनी रहेगी. जानिए क्यों Tesla की भारत में राह फिलहाल मुश्किल नजर आ रही है.

Tesla
India US Trade Deal: भारत और अमेरिका के बीच 7 फरवरी को घोषित अंतरिम व्यापार समझौते ने लग्जरी अमेरिकी कारों और Harley-Davidson बाइक्स को राहत दी है, लेकिन Elon Musk की Tesla के लिए निराशा ही हाथ लगी है. समझौते के तहत 3000cc से ऊपर की अमेरिकी पेट्रोल कारों (ICE) पर आयात शुल्क 110% से घटाकर 30% (10 साल में चरणबद्ध) कर दिया जाएगा, जबकि EVs को पूरी तरह बाहर रखा गया है. इस तरह टेस्ला को फिलहाल कोई मदद मिलते हुए नहीं दिख रही है.
Tesla ने जुलाई 2025 में Model Y लॉन्च करके भारत में एंट्री की थी. तब से Model Y की कीमतें ऊंची बनी हुई हैं, क्योंकि 70-110 प्रतिशत का CBU इंपोर्ट ड्यूटी EVs पर लागू है. समझौते में EVs को छूट न देने से टेस्ला की कारें सस्ती नहीं होंगी. सरकार का मकसद घरेलू EV प्लेयर्स (Tata, Mahindra) को प्रोटेक्ट करना है, जो PLI स्कीम के तहत भारी निवेश कर रहे हैं. ये कीमतें अभी भी अमेरिका/चाइना से दोगुनी हैं, क्योंकि ड्यूटी और लॉजिस्टिक्स महंगे हैं. Tesla ने लोकल मैन्युफैक्चरिंग की मांग की थी, लेकिन 2025 में सरकार ने कहा था कि Tesla इंटरेस्ट नहीं दिखा रहा है.
Tesla की राह मुश्किल!
Tesla Model Y भारत में लॉन्च के बाद से चुनौतियों का सामना कर रही है. जुलाई 2025 में लॉन्च हुई इस EV की एक्स-शोरूम कीमत ₹59-68 लाख के बीच है, जो 110% आयात शुल्क (CBU पर) के कारण अमेरिका से दोगुनी से ज्यादा है. इससे ये लग्जरी सेगमेंट में BMW iX1, Mercedes EQA जैसी लोकल असेंबल EVs से महंगी पड़ती है. हाई प्राइस, लिमिटेड चार्जिंग इंफ्रा, कम ब्रैंड विजिबिलिटी और लोकल EV कंपटीशन की वजह से टेस्लो मुश्किलों का सामना कर रही है.
डिस्काउंट देने को मजबूर
पिछले साल यानी 2025 में इसकी सिर्फ 227-263 यूनिट्स बिकीं (Vahan डेटा) हैं. हालांकि, शुरुआत में इसे 600 के करीब बुकिंग्स मिली. बाद में आधे से ज्यादा कैंसल हो गईं. करीब 300 इंपोर्टेड में से 100 यूनिट्स अब तक अनसोल्ड हैं, जिससे इन्वेंटरी बढ़ गई है. सेल को बूस्ट देने के लिए Tesla ने जनवरी 2026 से चुनिंदा वेरिएंट्स पर ₹2 लाख तक कैश डिस्काउंट ऑफर किया है. ‘Switch and Save’ स्कीम में पुरानी ICE कार एक्सचेंज पर ₹3 लाख बोनस, ₹6 लाख डाउनपेमेंट पर 7-ईयर लोन (EMI ₹49,000) और फ्री वॉल चार्जर जैसे ऑफर्स दिए जा रहे हैं.
कैसे चलेगा काम?
एक्सपर्ट्स का कहना है कि बिना लोकल प्रोडक्शन (जैसे $500 मिलियन इन्वेस्टमेंट + 3 साल में मैन्युफैक्चरिंग) के Tesla की कारें आम भारतीयों के लिए सपना ही रहेंगी. समझौते ने Harley-Davidson को फ्री एंट्री दी, लेकिन Tesla को फिर इंतजार करना पड़ेगा. पूर्ण BTA (Bilateral Trade Agreement) में EVs पर छूट की उम्मीद बनी हुई है, लेकिन फिलहाल कीमतें ऊंची ही रहेंगी.

