उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद ने साल 2026 की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षाओं की तारीख घोषित कर दी है. इस बार परीक्षाएं 18 फरवरी से शुरू होकर 12 मार्च तक चलेंगी. प्रदेश भर के लाखों छात्र इन परीक्षाओं में शामिल होंगे. बोर्ड ने साफ किया है कि इस बार परीक्षा व्यवस्था को और ज्यादा मजबूत और पारदर्शी बनाया जाएगा.
यूपी बोर्ड की 2026 की परीक्षा में कुल 52 लाख 30 हजार 297 छात्र पंजीकृत हैं. इनमें हाईस्कूल के 27 लाख 50 हजार 945 छात्र और इंटरमीडिएट के 24 लाख 79 हजार 352 छात्र शामिल हैं. इतने बड़े स्तर पर परीक्षा कराने के लिए बोर्ड ने कई जरूरी कदम उठाए हैं.
8033 परीक्षा केंद्रों पर होंगी परीक्षाएं
इस बार पूरे प्रदेश में 8033 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं. सभी केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों की निगरानी रहेगी. केंद्र व्यवस्थापकों की जिम्मेदारी तय की गई है, ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी न हो. स्थानीय प्रशासन को भी सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश दिए गए हैं.
पहली बार QR कोड वाले पहचान पत्र
यूपी बोर्ड इस बार एक नई पहल कर रहा है. पहली बार कक्ष निरीक्षकों को QR कोड युक्त पहचान पत्र जारी किए जा रहे हैं. इन पहचान पत्रों को 10 फरवरी 2026 को बोर्ड के पोर्टल पर अपलोड कर दिया गया है. इसका मकसद यह है कि कोई फर्जी कक्ष निरीक्षक ड्यूटी पर न लग सके. परीक्षा के दौरान पहचान की पूरी जांच की जाएगी.
12 फरवरी तक कक्ष निरीक्षक की व्यवस्था
सभी जिलों के जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) को निर्देश दिए गए हैं कि वे बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) के साथ समन्वय बनाकर 12 फरवरी तक पर्याप्त कक्ष निरीक्षक की व्यवस्था सुनिश्चित करें. बोर्ड नहीं चाहता कि किसी भी केंद्र पर निरीक्षक की कमी रहे.
चिकित्सा सुविधा भी रहेगी उपलब्ध
परीक्षा के दौरान छात्रों और कर्मचारियों के लिए प्राथमिक चिकित्सा की सुविधा भी रहेगी. सभी जिलों के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) को 13 फरवरी तक जरूरी व्यवस्था पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं. इससे परीक्षा के दौरान किसी भी स्वास्थ्य समस्या से तुरंत निपटा जा सकेगा.
साफ-सफाई पर भी खास ध्यान
बोर्ड ने परीक्षा केंद्रों के आसपास साफ-सफाई की व्यवस्था पर भी जोर दिया है. सभी जिलों के मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) को निर्देश दिए गए हैं कि 13 फरवरी से पहले यह सुनिश्चित कर लिया जाए कि केंद्रों के आसपास स्वच्छ माहौल हो. शहरी क्षेत्रों में नगर आयुक्त के साथ मिलकर सफाई व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा.
18 जिले घोषित हुए संवेदनशील
यूपी बोर्ड ने इस बार 18 जिलों को संवेदनशील घोषित किया है. इनमें आगरा, मथुरा, अलीगढ़, हाथरस, एटा, कासगंज, प्रयागराज, कौशांबी, प्रतापगढ़, हरदोई, कन्नौज, आजमगढ़, बलिया, मऊ, जौनपुर, गाजीपुर, देवरिया और गोंडा शामिल हैं. इन जिलों में कुछ विषयों और तिथियों को ज्यादा संवेदनशील माना गया है. यहां विशेष निगरानी और कड़े प्रशासनिक इंतजाम किए जाएंगे.
नकल पर सख्त कार्रवाई
बोर्ड ने साफ कर दिया है कि नकल माफिया और अव्यवस्था फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी. परीक्षा केंद्रों पर पुलिस और प्रशासन की निगरानी रहेगी. किसी भी तरह की गड़बड़ी मिलने पर तुरंत कदम उठाए जाएंगे.
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