4 बार फेल होने के बाद 5वीं कोशिश में UGC-NET टॉप, जानिए दीक्षा मक्कड़ की प्रेरणादायक कहानी

सतीश कुमार
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कभी-कभी जिंदगी में मेहनत करने के बावजूद जब बार-बार असफलता मिलती है तो इंसान खुद पर शक करने लगता है.सपने अधूरे लगने लगते हैं और हिम्मत टूटने लगती है. लेकिन कुछ लोग ऐसे होते हैं जो हार को अपनी ताकत बना लेते हैं. पंजाब यूनिवर्सिटी की पीएचडी स्कॉलर दीक्षा मक्कड़ भी उन्हीं लोगों में से एक हैं, जिन्होंने चार बार असफल होने के बाद भी हिम्मत नहीं हारी और पांचवीं कोशिश में UGC-NET परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक 1 हासिल कर अपने सपने को सच कर दिखाया.

पंजाब यूनिवर्सिटी, चंडीगढ़ के लोक प्रशासन विभाग में पीएचडी कर रही दीक्षा मक्कड़ शुरू से ही पढ़ाई में रुचि रखती थीं. उनका सपना शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़कर कुछ बड़ा करने का था. इसी सपने को पूरा करने के लिए उन्होंने UGC-NET परीक्षा देने का फैसला किया. यह परीक्षा देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में गिनी जाती है, जिसे पास करने के बाद उम्मीदवार असिस्टेंट प्रोफेसर बनने और रिसर्च के क्षेत्र में आगे बढ़ने का अवसर हासिल करते हैं.

परिवार और गुरुजनों ने बढ़ाया हौसला
दीक्षा बताती हैं कि जब वह टूटने लगी थीं, तब उनके माता-पिता, शिक्षकों, मेंटर्स और सुपरवाइजर्स ने उन्हें मजबूत बनाया. परिवार ने हर समय उनका साथ दिया और उन्हें यह भरोसा दिलाया कि मेहनत कभी बेकार नहीं जाती.गुरुजनों ने उन्हें सही दिशा दिखाई और उनकी तैयारी को बेहतर बनाने में मदद की. दीक्षा का मानना है कि अगर परिवार और टीचर्स का सपोर्ट न मिलता, तो शायद वह दोबारा तैयारी शुरू करने की हिम्मत नहीं जुटा पातीं.

तैयारी का तरीका बदला और बनाया मजबूत प्लान
पांचवें प्रयास से पहले दीक्षा ने अपनी तैयारी का तरीका पूरी तरह बदल दिया. उन्होंने कोचिंग का सहारा लिया और पढ़ाई के लिए नियमित टाइम टेबल बनाया. उन्होंने अपनी कमजोरियों पर ज्यादा ध्यान दिया और हर टॉपिक को गहराई से समझने की कोशिश की.साथ ही, उन्होंने मॉक टेस्ट और रिवीजन पर खास ध्यान दिया. इस बार उन्होंने बिना किसी दबाव के केवल अपने लक्ष्य पर फोकस किया. उनकी मेहनत और सही रणनीति ने आखिरकार रंग दिखाया और उन्होंने पांचवें प्रयास में पूरे देश में पहला स्थान हासिल कर लिया.

तीन साल की मेहनत ने दिलाई बड़ी सफलता
दीक्षा पिछले तीन सालों से लगातार इस परीक्षा की तैयारी कर रही थीं. इस दौरान उन्होंने कई उतार-चढ़ाव देखे, लेकिन अपने लक्ष्य से कभी ध्यान नहीं हटाया.उन्होंने हर असफलता से सीख ली और खुद को पहले से बेहतर बनाया. यही वजह रही कि जब रिजल्ट आया तो उन्होंने ऑल इंडिया रैंक 1 हासिल कर इतिहास बना दिया. उनकी सफलता यह साबित करती है कि लगातार मेहनत और धैर्य से बड़ी से बड़ी परीक्षा भी जीती जा सकती है.

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Satish Kumar Is A Journalist With Over 10 Years Of Experience In Digital Media. He Is Currently Working As Editor At Aman Shanti, Where He Covers A Wide Variety Of Technology News From Smartphone Launches To Telecom Updates. His Expertise Also Includes In-depth Gadget Reviews, Where He Blends Analysis With Hands-on Insights.