आईटी शेयरों में भारी बिकवाली से टूटा बाजार, 559 अंक फिसलकर सेंसेक्स बंद, जानें कल कैसी रहेगी मार्केट की चाल

सतीश कुमार
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Stock Market News: हफ्ते के चौथे कारोबारी दिन घरेलू शेयर बाजार गिरावट के साथ बंद हुए. अमेरिकी ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद कमजोर पड़ने और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से आईटी कंपनियों की आय पर संभावित दबाव की आशंका के चलते आईटी शेयरों में भारी बिकवाली देखने को मिली. बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 558.72 अंक यानी 0.66% गिरकर 83,674.92 अंक पर बंद हुआ. कारोबार के दौरान यह एक समय 716.97 अंक टूटकर 83,516.67 के स्तर तक आ गया था. वहीं एनएसई का निफ्टी 146.65 अंक यानी 0.57% फिसलकर 25,807.20 अंक पर बंद हुआ.

क्यों बाजार में गिरावट?

गिरावट की सबसे बड़ी वजह आईटी शेयरों में दबाव रहा. टेक महिंद्रा, इन्फोसिस और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) में करीब 6% तक की गिरावट दर्ज की गई. इसके अलावा एचसीएल टेक्नोलॉजीज, महिंद्रा एंड महिंद्रा, हिंदुस्तान यूनिलीवर, रिलायंस इंडस्ट्रीज, एचडीएफसी बैंक, इंडिगो, कोटक महिंद्रा बैंक और अदाणी पोर्ट्स भी नुकसान में रहे. हालांकि बाजार में कुछ शेयरों ने मजबूती दिखाई. बजाज फाइनेंस, आईसीआईसीआई बैंक, एसबीआई, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, एशियन पेंट्स, लार्सन एंड टुब्रो, भारती एयरटेल और टाटा स्टील बढ़त के साथ बंद हुए.

जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के शोध प्रमुख विनोद नायर के अनुसार, अमेरिका में मजबूत रोजगार आंकड़ों के बाद फेडरल रिजर्व द्वारा नीतिगत दरों में कटौती की संभावना कम हो गई है, जिससे निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई. साथ ही एआई के बढ़ते प्रभाव से सेवा क्षेत्र, खासकर आईटी कंपनियों की आय पर दबाव की आशंका ने भी बाजार को कमजोर किया. अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव ने भी निवेशकों को सतर्क रुख अपनाने पर मजबूर किया.

व्यापक बाजार में भी कमजोरी रही. बीएसई मिडकैप सूचकांक 0.48% और स्मॉलकैप सूचकांक 0.28% गिरा. क्षेत्रीय सूचकांकों में ‘फोकस्ड आईटी’ में 5.40 प्रतिशत और आईटी खंड में 5.29% की बड़ी गिरावट दर्ज की गई. इसके अलावा रियल्टी, तेल एवं गैस, ऊर्जा, सेवा और एफएमसीजी सेक्टर भी लाल निशान में रहे.

क्या कहते हैं एक्सपर्ट?

गिरावट का असर टीसीएस पर खास तौर पर दिखा. कंपनी के शेयर में 5.41% की गिरावट के बाद उसका बाजार पूंजीकरण पहली बार 10 लाख करोड़ रुपये से नीचे आ गया और कारोबार के अंत में यह 9,95,661.50 करोड़ रुपये रह गया.

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के सिद्धार्थ खेमका की मानें तो तीसरी तिमाही के नतीजों का दौर समाप्ति की ओर है, ऐसे में अब बाजार कंपनी-विशेष गतिविधियों पर केंद्रित रहेगा. आने वाले समय में बाजार की दिशा वैश्विक और घरेलू महंगाई के आंकड़ों, व्यापार से जुड़े घटनाक्रम, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) के प्रवाह और एआई से जुड़ी चिंताओं पर निर्भर करेगी, जिससे उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है.

डिस्क्लेमर: (यहां मुहैया जानकारी सिर्फ़ सूचना हेतु दी जा रही है. यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है. निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें. ABPLive.com की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है.)

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Satish Kumar Is A Journalist With Over 10 Years Of Experience In Digital Media. He Is Currently Working As Editor At Aman Shanti, Where He Covers A Wide Variety Of Technology News From Smartphone Launches To Telecom Updates. His Expertise Also Includes In-depth Gadget Reviews, Where He Blends Analysis With Hands-on Insights.