वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर में आरती के दौरान घंटी क्यों नहीं बजती? इंद्रेश महाराज से जानिए इसका रहस्य?

सतीश कुमार
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Bells not used in worship at Banke Bihari Temple: उत्तर प्रदेश के वृंदावन का बांके बिहारी मंदिर भारत वर्ष में अपनी एक अनोखी परंपरा के लिए जाना जाता है. आपको जानकार हैरानी होगी कि, यहां भगवान श्रीकृष्ण की आरती के दौरान घंटी नहीं बजाई जाती है.

इस परंपरा का उल्लेख किसी शास्त्र या ग्रंथ में भी नहीं है, बल्कि ऐसा करने के पीछे शुद्ध प्रेम भाव असली कारण हैं. वृंदावन में भगवान को देवता नहीं, बल्कि लाला यानी छोटे बच्चे के रूप में पूजा जाता है.

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वृंदावन प्रसिद्ध कथावाचक इंद्रेश महाराज से जानिए इसके पीछे की वजह?

वृंदावन के प्रसिद्ध कथावाचक इंद्रेश महाराज के मुताबिक, यहां ठाकुर जी को जगाया नहीं जाता है, बल्कि उनसे निवेदन किया जाता है कि, लाला उठो… जय हो लाला की. यही वजह है कि, बांके बिहारी जी पूरे देश में सबसे बाद में जागते हैं.

जहां अन्य मंदिरों में भगवान ब्रह्म मुहूर्त में उठते हैं, वहीं, बांके बिहारी जी करीब 8 बजे जागते हैं, क्योंकि माना जाता है कि, छोटा बच्चा हमेशा देर से सोता है देर से ही उठता है.

वृंदावन में भक्ति प्रेम पर आधारित- इंद्रेश महाराज

यही प्रेम भाव आरती के वक्त घंटी न बजाने के पीछे भी है. इंद्रेश महाराज कहते हैं कि, वृंदावन में लोग ऐसा मानते हैं कि, ज्यादा तेज आवाज में लाला डर सकते हैं. घंटी की तेज ध्वनि से अगर भगवान घबरा जाएं, तो यह प्रेम में कमी का संकेत माना जाता है.

इसलिए बांके बिहारी मंदिर में आरती के समय मृदुल स्वर में भजन और कीर्तन किया जाता है. यह दुनिया का एकमात्र ऐसा मंदिर है, जहां आरती के दौरान घंटियां नहीं बजती है. 

वृंदावन की दिनचर्या भी प्रेम भाव से चलती है. दोपहर में सभी मंदिर बंद हो जाते हैं, क्योंकि मान्यताओं के मुताबिक, ठाकुर जी गो चरण के लिए गए हैं. शाम को लौटने पर सबसे पहले उनके गालों और हाथों पर इत्र लगाया जाता है, जैसे कोई अपनी मां अपने बच्चे का चेहरा साफ कर रही है.

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भगवान की पूजा विधि पर आधारित नहीं, बल्कि भावना पर 

इंद्रेश महाराज के अनुसार, वृंदावन में धर्म नहीं, बल्कि प्रेम को प्राथमिकता दी जाती है. यहां भगवान की पूजा विधि आधारित न होकर भावना से भरी होती है. भगवान कृष्ण को यहां बच्चा मान कर पूजा जाता है. इसलिए उनकी नींद, उनका डर, उनकी खुशी सब कुछ मनुष्य की तरह ही किया जाता है. 

यही कारण हैं कि, वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर में घंटी नहीं बजती, क्योंकि जहां प्रेम होता है, वहां शोर नहीं केवल अपनापन होता है.

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Satish Kumar Is A Journalist With Over 10 Years Of Experience In Digital Media. He Is Currently Working As Editor At Aman Shanti, Where He Covers A Wide Variety Of Technology News From Smartphone Launches To Telecom Updates. His Expertise Also Includes In-depth Gadget Reviews, Where He Blends Analysis With Hands-on Insights.