
अक्सर कंपनियां अपने टीवी को 4K बताकर प्रचार करती हैं लेकिन सिर्फ स्क्रीन का रेजलूशन 4K होना ही काफी नहीं होता. असली 4K अनुभव के लिए टीवी के अंदर मौजूद प्रोसेसर, पैनल क्वालिटी और अन्य हार्डवेयर भी उसी स्तर के होने चाहिए जो हाई-रेजोल्यूशन कंटेंट को सही तरीके से प्रोसेस कर सकें. अगर सपोर्टिंग तकनीक कमजोर है तो 4K कंटेंट चलने के बावजूद तस्वीर में खास फर्क नजर नहीं आता.

