UP Board Exam 2026: यूपी बोर्ड की परीक्षाओं में नियम सख्त, कॉपी में रुपये रखे तो छात्र-शिक्षक दोनों पर होगा एक्शन

सतीश कुमार
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उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) ने 18 फरवरी से शुरू हो रहीं हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाओं के लिए नए और सख्त निर्देश जारी किए हैं.  बोर्ड ने खास तौर पर कहा है कि अगर किसी छात्र की उत्तर पुस्तिका (कॉपी) में रुपये या नोट मिलते हैं तो सिर्फ छात्र ही नहीं, बल्कि परीक्षा कक्ष में ड्यूटी पर तैनात शिक्षक (कक्ष निरीक्षक) पर भी कार्रवाई होगी. आइए इस फैसले को विस्तार से जानते हैं.

क्या है पूरा मामला?

जानकारी के मुताबिक, पहले भी कई बार ऐसा हुआ है कि छात्र परीक्षा के दौरान अपनी कॉपी में कुछ रुपये रख देते हैं. वे सोचते हैं कि इससे शिक्षक खुश होकर ज्यादा नंबर दे देंगे. वहीं, कुछ स्टूडेंट्स कॉपी में लिख देते हैं कि गुरुजी, मेरी शादी होने वाली है. ये रुपये मिठाई के लिए रखे हैं. मुझे पास कर दीजिएगा. यह पूरी तरह गलत है. बोर्ड इसे नकल या अनुचित तरीके से फायदा लेने की कोशिश मानता है. इससे परीक्षा की ईमानदारी पर असर पड़ता है.

बोर्ड ने लिया यह फैसला

यूपी बोर्ड के सचिव भगवती सिंह ने सभी जिलों में निर्देश दिए हैं कि परीक्षा केंद्रों पर सख्ती बरती जाए. केंद्र व्यवस्थापक और शिक्षकों को पहले से ही छात्रों को चेतावनी देनी होगी कि कॉपी के अंदर रुपये, नोट, चिट या कोई भी ऐसी चीज न रखें. कक्ष निरीक्षकों को परीक्षा के दौरान स्टूडेंट्स की कॉपी की अच्छे से जांच करनी होगी. अगर कॉपी में कुछ गलत मिले तो तुरंत कार्रवाई होनी चाहिए.

कॉपी में रुपये मिले तो क्या होगा?

अगर कॉपी जांचने के दौरान या उत्तर पुस्तिकाएं इकट्ठा करने के दौरान रुपये मिलते हैं तो क्या होगा? ऐसे मामलों को लेकर बोर्ड ने साफ कहा है कि ऐसे रुपये तुरंत सरकारी राजकोष (ट्रेजरी) में जमा कर दिए जाएंगे. इसकी जानकारी डीआईओएस और संबंधित अधिकारियों को देनी होगी. इसे उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम, 2024 के तहत नकल माना जाएगा. वहीं, संबंधित छात्र के खिलाफ परीक्षा रद्द करना, जुर्माना या अन्य सजा जैसी सख्त कानूनी कार्रवाई होगी.

टीचर्स के खिलाफ भी लिया जाएगा एक्शन

सबसे अहम बात यह है कि शिक्षकों की लापरवाही भी बर्दाश्त नहीं की जाएगी. अगर कॉपी में रुपये मिलते हैं तो यह माना जाएगा कि कक्ष निरीक्षक ने अपनी ड्यूटी ठीक से नहीं की. वे छात्रों पर नजर नहीं रख पाए या तलाशी ठीक से नहीं ली. ऐसे में शिक्षक के खिलाफ भी विभागीय जांच होगी और सजा मिल सकती है.

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Satish Kumar Is A Journalist With Over 10 Years Of Experience In Digital Media. He Is Currently Working As Editor At Aman Shanti, Where He Covers A Wide Variety Of Technology News From Smartphone Launches To Telecom Updates. His Expertise Also Includes In-depth Gadget Reviews, Where He Blends Analysis With Hands-on Insights.