YouTube AI Feature: YouTube ने अपने प्रीमियम सब्सक्राइबर्स के लिए एक नया आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित टूल पेश किया है जिसकी मदद से अब यूजर्स सिर्फ अपनी पसंद बताकर प्लेलिस्ट तैयार कर सकते हैं. यह फीचर iOS और Android दोनों प्लेटफॉर्म पर धीरे-धीरे उपलब्ध कराया जा रहा है. इसका मकसद म्यूजिक सुनने के अनुभव को आसान और ज्यादा निजी बनाना है.
अब गानों की खोज में समय बर्बाद नहीं
अक्सर लोग अपनी पसंद के गाने ढूंढने या उन्हें सही क्रम में लगाने में काफी समय लगा देते हैं. नए AI प्लेलिस्ट जनरेटर के साथ यह झंझट खत्म हो जाता है. यूजर को बस कुछ शब्द टाइप करने या बोलने होते हैं जैसे कि मूड, जॉनर या किसी खास तरह का म्यूजिक. इसके बाद YouTube का AI खुद उसी आधार पर गानों की एक कस्टम प्लेलिस्ट तैयार कर देता है.
पहले भी हो चुके हैं AI प्रयोग
YouTube इससे पहले भी म्यूजिक में AI का इस्तेमाल आजमा चुका है. जुलाई 2024 में कंपनी ने एक ऐसा फीचर टेस्ट किया था जिसमें यूजर्स टेक्स्ट प्रॉम्प्ट देकर अपनी पसंद का रेडियो स्टेशन बना सकते थे. नया प्लेलिस्ट जनरेटर उसी विचार का उन्नत संस्करण माना जा रहा है जिसे अब ज्यादा व्यापक स्तर पर प्रीमियम सदस्यों के लिए शुरू किया गया है.
ऐसे काम करता है यह फीचर
प्रीमियम यूजर्स को YouTube ऐप के लाइब्रेरी सेक्शन में जाकर New विकल्प चुनना होगा जहां AI Playlist का ऑप्शन दिखाई देगा. यहां वे टेक्स्ट या वॉयस के जरिए अपनी पसंद दर्ज कर सकते हैं. उदाहरण के तौर पर कोई चिल पार्टी के लिए हाउस मिक्स, इंडी पॉप, 90 के दशक के बॉलीवुड गाने या किसी खास मूड का जिक्र कर सकता है. कुछ ही देर में AI उसी विवरण के अनुसार प्लेलिस्ट तैयार कर देता है.
बढ़ती हुई रेस के साथ नई रणनीति
म्यूजिक स्ट्रीमिंग की दुनिया में प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ रही है. Spotify, Amazon Music और Deezer जैसे प्लेटफॉर्म भी AI आधारित प्लेलिस्ट और रेडियो फीचर ला चुके हैं. ऐसे में YouTube का यह कदम अपने प्रीमियम प्लान को और आकर्षक बनाने की दिशा में देखा जा रहा है. हाल ही में कंपनी ने कुछ मुफ्त यूजर्स के लिए गानों के लिरिक्स की उपलब्धता सीमित करने का परीक्षण भी शुरू किया है.
Google जो YouTube की मूल कंपनी है अब सब्सक्रिप्शन सेवाओं पर खास ध्यान दे रही है. हाल के आंकड़ों के अनुसार Google के विभिन्न प्लेटफॉर्म्स पर करोड़ों पेड सब्सक्राइबर्स मौजूद हैं जिनमें YouTube Premium भी शामिल है. AI प्लेलिस्ट जनरेटर को इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है जिससे यूजर्स को ज्यादा वैल्यू और व्यक्तिगत अनुभव मिल
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