Kinnar Akhada Mahamandaleshwar, Mahi Sekhawat: भोपाल में आयोजित भव्य धार्मिक एवं आध्यात्मिक कार्यक्रम में माही शेखावत को किन्नर अखाड़ा भारत वर्ष द्वारा महामंडलेश्वर पद से सम्मानित किया गया. इस ऐतिहासिक अवसर पर देशभर से आए संत-महात्माओं, साधु-संतों, श्रद्धालुओं एवं समाजसेवियों ने उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं. यह आयोजन धार्मिक आस्था, सामाजिक समरसता एवं आध्यात्मिक चेतना का प्रतीक बना.
माही शेखावत को प्राप्त यह सम्मान न केवल उनके व्यक्तिगत संघर्ष, साधना और सेवा का परिणाम है, बल्कि पूरे किन्नर समाज के लिए गौरव और प्रेरणा का विषय भी है।किन्नर अखाड़ा द्वारा महामंडलेश्वर की उपाधि प्रदान किया जाना अत्यंत प्रतिष्ठित एवं गौरवपूर्ण सम्मान माना जाता है.
किसे देते हैं महामंडलेश्वर पद
यह पद केवल उन्हीं व्यक्तित्वों को दिया जाता है, जिन्होंने धर्म, समाज और मानवता की सेवा में अपना जीवन समर्पित किया हो. माही शेखावत को यह पद मिलना इस बात का प्रमाण है कि उन्होंने अपने जीवन में सत्य, सेवा, समर्पण और संस्कारों को सर्वोपरि रखा है. उन्होंने समाज में व्याप्त भेदभाव, उपेक्षा और असमानता के विरुद्ध निरंतर संघर्ष करते हुए एक सकारात्मक पहचान बनाई है.
कौन है माही शेखावत
- माही शेखावत किन्नर समाज की एक प्रतिष्ठित धार्मिक, सामाजिक एवं आध्यात्मिक नेत्री हैं. उनका जीवन संघर्ष, धैर्य और आत्मबल की मिसाल है.
- प्रारंभिक जीवन से ही उन्होंने अनेक कठिनाइयों का सामना किया, किंतु कभी भी अपने आत्मविश्वास और आस्था को कमजोर नहीं होने दिया.
- उन्होंने सनातन धर्म, मानव सेवा और सामाजिक एकता को अपने जीवन का उद्देश्य बनाया.
- समय के साथ वे धार्मिक आयोजनों, सामाजिक अभियानों और सेवा कार्यों से जुड़ती गईं और समाज में एक प्रेरणादायक व्यक्तित्व के रूप में उभरीं.
- उनकी सादगी, विनम्रता, सेवा भावना और नेतृत्व क्षमता ने उन्हें जन-जन के बीच लोकप्रिय बनाया.
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