Relationship Communication: क्या आपका पार्टनर देर से करता है मैसेज का रिप्लाई? जानें इसका क्या है मतलब?

सतीश कुमार
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What Does Late Reply Mean In A Relationship: आज के समय में टेक्स्ट मैसेजिंग रिश्तों का अहम हिस्सा बन चुकी है. ऐसे में अगर पार्टनर घंटों या कभी-कभी दिनों तक जवाब न दे, तो मन में सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या वह दूर हो रहा है, क्या उसकी दिलचस्पी कम हो गई है, या फिर वजह कुछ और है? सच यह है कि हर देर से आया जवाब बेपरवाही का संकेत नहीं होता. कई बार इसके पीछे काम का दबाव, अलग कम्युनिकेशन स्टाइल या भावनात्मक स्थिति जिम्मेदार होती है. चलिए जानते हैं कि रिलेशनशिप एक्सपर्ट क्या कहते हैं इसको लेकर. 

क्या हो सकता है फोन न उठाने का कारण?

अक्सर लोग काम के दौरान फोन साइलेंट रखते हैं या लगातार मीटिंग्स में व्यस्त रहते हैं. कुछ लोग बार-बार मैसेज करने के बजाय एक समय निकालकर लंबी बातचीत करना पसंद करते हैं. वहीं मानसिक थकान, एंग्जायटी या बर्नआउट भी जवाब देने में देरी करा सकते हैं. कई लोग जानबूझकर स्क्रीन टाइम सीमित रखते हैं कि जैसे खाना खाते समय या सोने से पहले फोन न छूना. अगर मैसेज किसी संवेदनशील विषय पर हो, तो सामने वाला जवाब देने से पहले सोचने के लिए समय ले सकता है.

क्या कहते हैं एक्सपर्ट?

रिलेशनशिप एक्सपर्ट के अनुसार कम्युनिकेशन गैप अक्सर प्यार की कमी नहीं, बल्कि जरूरतों और समय के तालमेल का अंतर होता है क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट और रिलेशनशिप स्पेशलिस्ट डॉ. लीना टोरेस कहती हैं कि देर से जवाब आने पर हमारी प्रतिक्रिया हमारे अटैचमेंट स्टाइल से भी जुड़ी होती है. जिन लोगों में असुरक्षा की भावना ज्यादा होती है, वे चुप्पी को अस्वीकृति समझ सकते हैं. वहीं कुछ लोग दूरी बनाकर प्रतिक्रिया देते हैं, जिससे गलतफहमी बढ़ जाती है. ऐसे में पार्टनर के मन में सवाल आना स्वाभाविक हो जाता है. 

कब ध्यान देना चाहिए?

कभी-कभार देर होना सामान्य है, लेकिन अगर एक ही व्यक्ति हमेशा पहल कर रहा हो और लगातार उपेक्षित महसूस करे, तो यह रिश्ते में असंतुलन का संकेत हो सकता है. ऐसे में खुलकर, बिना आरोप लगाए बातचीत करना जरूरी है. जैसे कि आप इस तरह समझ सकते हैं कि अगर कोई कहे कि “जब जवाब देर से आता है तो मुझे थोड़ा अलग-सा महसूस होता है, क्या हम बात करने का कोई तय समय रख सकते हैं?” तो इससे समाधान निकल सकता है. आखिरकार, टेक्स्ट का समय रिश्ते की गहराई तय नहीं करता, लेकिन स्पष्ट अपेक्षाएं और समझदारी भरा संवाद जरूर करता है. अनुमान लगाने के बजाय सवाल पूछें, और घबराहट की जगह सहानुभूति को चुनकर आप गलत कदम उठाने से बच सकते हैं. 

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Satish Kumar Is A Journalist With Over 10 Years Of Experience In Digital Media. He Is Currently Working As Editor At Aman Shanti, Where He Covers A Wide Variety Of Technology News From Smartphone Launches To Telecom Updates. His Expertise Also Includes In-depth Gadget Reviews, Where He Blends Analysis With Hands-on Insights.