ज्यादातर एंड्रॉयड यूजर्स सोचते हैं कि फिंगरप्रिंट लॉक लगा लेने से फोन और डेटा सिक्योर हो जाता है. असल में ऐसा नहीं होता है. इसलिए गूगल पिछले कुछ समय से एंड्रॉयड में एक के बाद एक सिक्योरिटी फीचर जोड़ती जा रही है. इनमें से एक फीचर एडवांस्ड प्रोटेक्शन का है. यह फीचर बेहद पावरफुल है, लेकिन सेटिंग में छिपा होने के कारण अधिकतर लोगों का इस तरफ ध्यान नहीं जाता. आज हम जानेंगे कि यह फीचर क्या काम करता है और इसे कैसे इनेबल किया जाता है.
क्या है एडवांस्ड प्रोटेक्शन?
एडवांस्ड प्रोटेक्शन को एंड्रॉयड 16 में लाया गया था और ऑनलाइन खतरों, मलेशियल ऐप्स, अनऑथोराइज्ड डिवाइसस एक्सेस और दूसरे खतरों से आपके डिवाइस को प्रोटेक्ट करता है. इसे उन यूजर्स के लिए डिजाइन किया गया है, जिनके पास सेंसेटिव डेटा होता है, जो लगातार ट्रैवल करते हैं और जिन्हें अपने डिवाइस के लिए मजबूत डिफेंस चाहिए.
क्या हैं इस फीचर के फायदे?
इस फीचर को इनेबल करते ही एक साथ कई सेफ्टी सेटिंग्स अप्लाई हो जाती है. यह फीचर थेफ्ट डिटेक्शन और ऑफलाइन डिवाइस लॉक को एक्टिवेट कर देता है. इसी तरह यह साइडलोडिंग को ब्लॉक कर देता है, जिससे खतरनाक ऐप्स से डिवाइस सेफ रहता है. अगर यह फीचर ऑन है तो कोई भी USB की मदद से इससे डेटा ट्रांसफर नहीं कर पाएगा. इसके एक और सेफ्टी फीचर की बात करें तो यह फोन को सुरक्षा के लिहाज से सबसे कमजोर माने जाने वाले 2G नेटवर्क से कनेक्ट नहीं होने देता, जिससे फोन को हैक आदि करना मुश्किल हो जाता है. कुल मिलाकर यह उन सारे रास्तों को ब्लॉक कर देता है, जिनसे आपके एंड्रॉयड फोन में सेंध लगाई जा सकती है.
कैसे करें इनेबल?
सबसे पहले अपने फोन पर लेटेस्ट एंड्रॉयड 16 वर्जन को इंस्टॉल कर लें. इसके बाद सेटिंग में जाकर सिक्योरिटी और प्राइवेसी सेक्शन में जाएं. यहां आपको एडवांस्ड प्रोटेक्शन का ऑप्शन दिखेगा. इस पर टैप करें और डिवाइस प्रोटेक्शन टॉगल को ऑन कर दें. इसके बाद कंफर्मेशन के लिए एक बार टर्न ऑन पर टैप करें. फिर प्रॉम्प्ट आने पर फोन को रिस्टार्ट कर लें. रिस्टार्ट होने पर आपके फोन में यह फीचर इनेबल हो जाएगा.
ये भी पढ़ें-

