FD से SIP की ओर बढ़ रहा निवेशकों का रुझान, बदल रहा है भारतीयों का पैसा लगाने का तरीका; जानें इसकी वजह

सतीश कुमार
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SIP Investment Trend India: भारतीय निवेशकों की बचत और निवेश करने के ट्रेंड में बदलाव देखने को मिल रहा है. पहले जहां बैंक एफडी, रिकरिंग डिपॉजिट और गोल्ड निवेश पहली पसंद माने जाते थे. वहीं, अब लोगों का रुझान सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (एसआईपी) की ओर झुक रहा है.

निवेशक अब बचे हुए पैसों को निवेश नहीं कर रहे हैं, बल्कि महीने की शुरुआत में ही इनकम का फिक्स हिस्सा निवेश के लिए निकाल रहे हैं और बचे हुए पैसों से खर्च चला रहे हैं. आइए जानते हैं,  इस बदलते ट्रेंड के बारे में….

क्यों बदल रही है निवेशकों की सोच?

मिंट हिंदी में छपी एक रिपोर्ट के अनुसार पिछले 5-7 वर्षों में आम लोगों की वित्तीय प्राथमिकताओं में बड़ा बदलाव देखने को मिला है. अब लोग केवल पैसा सुरक्षित रखने तक सीमित नहीं रहना चाहते, बल्कि उसे बढ़ाने पर जोर दे रहे हैं. 

मनी इनवेस्टेड इन राइट एसेट्स (MIRA Money) के को-फाउंडर आनंद के. राठी के अनुसार, यह सिर्फ निवेश का ट्रेंड नहीं बल्कि लोगों के व्यवहार में आया अहम बदलाव है. उन्होंने इसके लिए कुछ कारण भी बताए हैं. 

1. डिजिटल सुविधा होने से आसान हुआ निवेश का तरीका

चीजें डिजिटल होने से निवेशकों को बहुत राहत मिली है. पहले निवेश की प्रक्रिया लंबी और समय लेने वाली होती थी. जिसमें बैंक जाना, फॉर्म भरना और सलाह लेना जैसे काम ऑफलाइन होते थे.

अब मोबाइल ऐप्स और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स ने इसे काफी सरल बना दिया है. कुछ ही क्लिक में SIP शुरू की जा सकती है. जिसके कारण लोगों का रुझान भी एसआईपी निवेश की ओर हुआ है.   

2. महंगाई ने बदली बचत की सोच

पहले लोग बैंक एफडी या पोस्ट ऑफिस योजनाओं में पैसा सुरक्षित रखना ही काफी मानते थे. लेकिन समय के साथ महंगाई में तेजी देखने को मिली है. चीजों और सर्विसेस की कीमत पहले की तुलना में काफी ज्यादा हो गई है.

5-6 फीसदी या उससे ज्यादा महंगाई के बीच ऐसा रिटर्न असली बढ़त नहीं दे पाता. इसी एहसास ने लोगों को इक्विटी जैसे विकल्पों की ओर मोड़ा और अब वे मानने लगे हैं कि सिर्फ बचत नहीं, सही निवेश भी जरूरी है.

3. कंपाउंडिंग की ताकत

सोशल मीडिया, ब्लॉग्स और ऑनलाइन कैलकुलेटर की मदद से लोग समझ रहे हैं कि छोटी-छोटी रकम भी लंबे समय में बड़ी पूंजी बन सकती है. चक्रवृद्धि का यही असर SIP को खास बनाता है. जब लोग देखते हैं कि नियमित निवेश समय के साथ किस तरह बढ़ता है, तो उनकी सोच बदलती है. वे लंबी अवधि के निवेश को प्राथमिकता देने लगते हैं.

डिस्क्लेमर: (यहां मुहैया जानकारी सिर्फ़ सूचना हेतु दी जा रही है. यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है. निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें. ABPLive.com की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है.)

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Satish Kumar Is A Journalist With Over 10 Years Of Experience In Digital Media. He Is Currently Working As Editor At Aman Shanti, Where He Covers A Wide Variety Of Technology News From Smartphone Launches To Telecom Updates. His Expertise Also Includes In-depth Gadget Reviews, Where He Blends Analysis With Hands-on Insights.