जब भी ट्रैकिंग की बात आती है तो सब अलर्ट हो जाते हैं. डिजिटल वर्ल्ड में ट्रैकिंग को यूजर की प्राइवेसी के लिए खतरनाक माना जाता है. फोन में ट्रैकिंग की बात करें तो अधिकतर यूजर इससे खुश नहीं होते हैं. हालांकि, फोन की हर ट्रैकिंग डेटा और सेंसेटिव इंफोर्मेशन के लिए ही नहीं होती है. आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि कैसे आपका फोन आपके फायदे के लिए ट्रैकिंग करता है.
ये ट्रैकिंग अच्छी है!
अनयूज्ड ऐप्स की ट्रैकिंग- हमारे फोन में कई ऐसी ऐप्स होती हैं, जिन्हें महीनों से यूज नहीं कर रहे हैं और भविष्य में जरूरत को देखते हुए न ही इन्हें डिलीट किया जा सकता. ऐसी ऐप्स पर एंड्रॉयड पूरी नजर रखता है. जब आप किसी ऐप को लंबे समय तक यूज नहीं करते तो एंड्रॉयड ऑटोमैटिक उसे दी हुई परमिशन हटा देता है, जिससे आपका डेटा प्रोटेक्टेड रहता है. इसी तरह बैटरी बचाने के लिए यह उन ऐप्स से आने वाली नोटिफिकेशन भी बंद कर देता है.
आपके मूवमेंट की ट्रैकिंग- आप कहीं से चलकर घर पहुंचे हैं और स्क्रीन पर दिख जाता है कि आप कितने कदम चले हैं. इस ट्रैकिंग के लिए आपके फोन में एक्सलेरोमीटर और गायरोस्कोप सेंसर लगे होते हैं. ये लगातार आपके चलते और फोन के रोटेशन की ट्रैकिंग करते रहते हैं. मोशन सेंसर आपकी मूवमेंट को डिटेक्ट करते हैं, जबकि GPS और नेटवर्क डेटा यह पता लगा लेते हैं कि आप कहां-कहां होकर आए हैं. आप अपनी पूरी मूवमेंट हिस्ट्री गूगल मैप्स पर जाकर चेक कर सकते हैं.
एंड्रॉयड के पास होती है हर नोटिफिकेशन की जानकारी- फोन पर रोजाना सैकड़ों नोटिफिकेशन आते हैं. आप भले ही बिना देखें उन्हें क्लियर कर देते हैं, लेकिन एंड्रॉयड की हर नोटिफिकेशन पर नजर होती है. एंड्रॉयड के पास पिछले 24 घंटों में आपके फोन पर आए हर नोटिफिकेशन की जानकारी रहती है. ऐसे में अगर आपसे कोई जरूरी नोटिफिकेशन मिस हो गया है तो आप सेटिंग में जाकर नोटिफिकेशन हिस्ट्री में इसे देख सकते हैं.
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