Cancer Types in India: भारत में तेजी से पांव पसार रहे हैं ये 5 कैंसर, ऑन्कोलॉजिस्ट से जानें कैसे खराब लाइफस्टाइल बढ़ा रही है खतरा

सतीश कुमार
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Which Cancer Is Most Common in India: कैंसर दुनिया की सबसे गंभीर बीमारियों में से एक माना जाता है. कैंसर रिसर्च यूके के मुताबिक, कैंसर के 200 से ज्यादा प्रकार हैं, जिन्हें उस सेल्स के आधार पर पांच मुख्य कैटेगरी में बांटा जाता है, जहां से वे शुरू होते हैं. कार्सिनोमा स्किन या अंदरूनी अंगों की परत से शुरू होता है. सारकोमा हड्डी, मांसपेशी, वसा या ब्लड वेसल्स जैसे सहायक टिश्यू से जुड़ा होता है. ल्यूकेमिया ब्लड बनाने वाले टिश्यू, खासकर बोन मैरो, में शुरू होकर व्हाइट ब्लड सेल्स को प्रभावित करता है. लिम्फोमा और मायलोमा इम्यून सिस्टम की सेल्स से जुड़े होते हैं. वहीं ब्रेन और रीढ़ की हड्डी से संबंधित कैंसर को सेंट्रल नर्वस सिस्टम का कैंसर कहा जाता है.

भारत में इस समय कौन से कैंसर सबसे ज्यादा

इन कैटेगरी के भीतर कई विशेष प्रकार कैंसर भी शामिल हैं. 9 फरवरी को एमएचबी बाइट्स पॉडकास्ट में रायपुर के वरिष्ठ सर्जिकल ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. जयेश शर्मा ने बताया कि इस समय भारत में कौन-कौन से कैंसर सबसे अधिक देखे जा रहे हैं. 25 वर्षों के अनुभव वाले डॉ. शर्मा ने कहा कि कुछ साल पहले महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर सबसे आम था और ब्रेस्ट कैंसर दूसरे स्थान पर था. लेकिन अब ब्रेस्ट कैंसर महिलाओं के साथ-साथ पुरुषों में भी सबसे अधिक पाया जा रहा है. इस बदलाव के पीछे बदलती लाइफस्टाइल, बढ़ती उम्र और ब्रेस्टफीडिंग में कमी जैसे कारण माने जा रहे हैं.

इन कैंसर का भी खतरा

वर्तमान में माउथ कैंसर दूसरे स्थान पर है, जो मुख्य रूप से तंबाकू चबाने की आदत से जुड़ा है. तीसरे और चौथे स्थान के लिए सर्वाइकल और लंग्स का कैंसर करीब-करीब बराबरी पर हैं, जबकि कोलन कैंसर पांचवें स्थान पर है. ब्रेस्ट कैंसर का खतरा उम्र बढ़ने, मोटापा, मेनोपॉज, शारीरिक निष्क्रियता, शराब के सेवन और पारिवारिक हिस्ट्री से बढ़ता है. समय रहते जांच, स्वयं परीक्षण और मैमोग्राफी जीवन बचा सकते हैं. सर्वाइकल कैंसर ज्यादातर एचपीवी इंफेक्शन से जुड़ा होता है और टीकाकरण तथा नियमित जांच से इसे काफी हद तक रोका जा सकता है.

 

माउथ का कैंसर धूम्रपान और गुटखा-पान जैसी तंबाकू आदतों से गहराई से जुड़ा है. भारत में इसकी बड़ी वजह चबाने वाले तंबाकू का प्रचलन है. लंग्स का कैंसर मुख्य रूप से धूम्रपान से होता है. वहीं शहरी भारत में कोलन कैंसर के मामले बढ़ रहे हैं, जिसका संबंध कम फाइबर वाले भोजन, अधिक प्रोसेस्ड मीट, मोटापा, फिजिकल एक्टिविटी न होना और मेटाबॉलिक समस्याओं से जोड़ा जाता है.

क्या कहते हैं एक्सपर्ट

डॉ. शर्मा का कहना है कि कैंसर पूरी तरह अचानक होने वाली बीमारी नहीं है. इसमें जैनेटिक कारणों के साथ लाइफस्टाइल और पर्यावरण की भूमिका भी अहम होती है. तंबाकू का सेवन, मोटापा, शराब, कम शारीरिक गतिविधि, असंतुलित आहार और लंबे समय तक सूजन जैसी स्थितियां जोखिम बढ़ाती हैं.

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Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

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Satish Kumar Is A Journalist With Over 10 Years Of Experience In Digital Media. He Is Currently Working As Editor At Aman Shanti, Where He Covers A Wide Variety Of Technology News From Smartphone Launches To Telecom Updates. His Expertise Also Includes In-depth Gadget Reviews, Where He Blends Analysis With Hands-on Insights.