नीम करोली बाबा की तस्वीर से बदला Julia Roberts का नजरिया, प्रोडक्शन हाउस का नाम रखा ‘ओम’

सतीश कुमार
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सदियों से भारत उन यात्रियों, विचारकों और कलाकारों को अपनी ओर आकर्षित करता रहा है, जो पर्यटन से कहीं ज्यादा गहरी, अर्थपूर्ण जीवन की खोज करते रहे हैं. इस आकर्षण के बारे में बात करने वासी सबसे अहम वैश्विक हस्तियों में जूलिया रॉबर्ट्स भी शामिल हैं.

अकादमी पुरस्कार विजेता इस अभिनेत्री ने बताया कि, हिंदू धर्म में उनका झुकाव किसी नाटकीय घटना से नहीं, बल्कि नीम करोली बाबा की एक साधारण सी तस्वीर से शुरू हुई. 

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जूलिया रॉबर्ट्स और वह पल जिसने हिंदू धर्म में उनकी रुचि जगाई

अमेरिकन कार्यक्रम ‘गुड मॉर्निंग अमेरिका’ कार्यक्रम के दौरान उन्होंने बताया कि, उनकी आध्यात्मिक जिज्ञासा पहली बार कैसे जागी? टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने बताया कि, नीम करोली बाबा की एक तस्वीर देखने के बाद हिंदू धर्म में उनकी रुचि जाग उठी. 

उन्होंने बताया कि, उस दौरान मुझे पूज्य हिंदू संत के बारे में काफी कम जानकारी होने के बावजूद तत्काल और गहन जुड़ाव महसूस किया. मेरी उनसे कोई मुलाकात नहीं हुई थी, और न ही किसी तरह की बातचीत और न ही पले से कोई अध्ययन किया था, बस एक सहज आत्मीयता का अनुभव था. 

नीम करोली बाबा से जुड़ा रोचक किस्सा सुनाया

जब उनसे पूछा गया कि, क्या वे कभी नीम करोली बाबा से मिली हैं, तो उन्होंने कहा कि, उनकी तस्वीर देखने से बहुत पहले ही उनका देहांत हो चुका था. फिर भी उन्होंने कहा कि, जीवन के सबसे महत्वपूर्ण बदलाव हमेशा नाटकीय ढंग से नहीं आते हैं, बल्कि वे धीरे-धीरे प्रकट होते हैं और समय के साथ हमें आकार देने का काम करते हैं. 

बाद के सालों में जूलिया रॉबर्ट्स भारत की यात्रा की, और कैंची धाम की उनकी यात्रा ने कथित तौर पर हिंदू दर्शन के साथ उनके जुड़ाव को ओर गहरा कर दिया.

रॉबर्ट्स ने प्रोडक्शन कंपनी का हिंदू नाम रखा

जुलिया रॉबर्ट्स का नजरिया काफी संयमित रहा है. उन्होंने अपने विचारों के बारे में कभी -कभार ही बात की है, प्रचार के बजाय चिंतन को प्राथमिकता दी है. आपको जानकार हैरानी होगी कि, रॉबर्ट्स ने अपनी प्रोडक्शन कंपनी का नाम रेड ओम फिल्मस रखा है, जो हिंदू परंपरा में पवित्र अक्षर ओम का संदर्भ है, जिसे सृष्टि की सार्वभौमिक धवनि का प्रतीक माना जाता है. 

रॉबर्ट्स बारे में यह भी कहा जाता है कि, भारत में रहने के दौरान उन्होंने अपने परिवार के साथ मंदिरों का दौरा किया, जिससे यह संकेत मिलता है कि, उनकी तालाश जिज्ञासा से परे जाकर व्यावहारिक अभ्यास तक फैली हुई थी.

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Satish Kumar Is A Journalist With Over 10 Years Of Experience In Digital Media. He Is Currently Working As Editor At Aman Shanti, Where He Covers A Wide Variety Of Technology News From Smartphone Launches To Telecom Updates. His Expertise Also Includes In-depth Gadget Reviews, Where He Blends Analysis With Hands-on Insights.