Causes of Fainting: बार-बार बेहोश होने का मतलब लो बीपी नहीं, जानें इसे लेकर कब होना चाहिए सीरियस?

सतीश कुमार
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Can Heart Problems Cause Sudden Blackout: आपने जिस बेहोशी को फिल्मों और टीवी शो में देखा होगा, रियल लाइफ में उस तरह का यह नहीं होता है. कई लोग बेहोश होने को गंभीरता से नहीं लेते. कभी-कभी नाश्ता छोड़ देने या कम पानी पीने की वजह से चक्कर आना सामान्य हो सकता है, लेकिन अगर बार-बार बेहोशी होने लगे तो यह शरीर का चेतावनी संकेत है. जब यह बार-बार हो, तो आमतौर पर इसके पीछे कोई बड़ी वजह छिपी होती है. सही कारण का पता लगाना जरूरी है, क्योंकि वजह समझ में आ जाए तो इसे रोकना भी आसान हो जाता है. चलिए आपको हेल्थ के विषयों में जानकारी देने वाली Cleveland Clinic और WebMD की मेडिकल रिपोर्ट्स के आधार पर इसके बारे में बताते हैं. 

शरीर पर इसका क्या होता है असर?

डॉक्टर बेहोशी को सिन्कोपी कहते हैं. यह एक सामान्य मेडिकल शब्द है. दरअसल, जब कुछ पलों के लिए दिमाग तक पर्याप्त खून नहीं पहुंचता, तो व्यक्ति बेहोश हो सकता है. कभी आप अचानक खड़े हो जाएं, शरीर ज्यादा गर्म हो जाए या अचानक तनाव महसूस हो, तो भी ऐसा हो सकता है. कई बार डिहाइड्रेशन भी इसकी वजह बनता है. 70 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों में यह समस्या ज्यादा देखी जाती है. लेकिन अगर आप बार-बार बिना किसी साफ वजह के बेहोश हो रहे हैं, तो इसे सामान्य नहीं माना जाता.

क्या हार्ट को होती है दिक्कत?

heart.org की रिपोर्च के अनुसार, कभी-कभी बार-बार बेहोशी का संबंध दिल से भी हो सकता है. यदि हार्ट पर्याप्त मात्रा में खून पंप नहीं कर पा रहा, तो दिमाग को ऑक्सीजन नहीं मिलती और व्यक्ति अचानक बेहोश हो सकता है. दिल से जुड़ी बेहोशी अक्सर बिना किसी चेतावनी के होती है. अगर शारीरिक गतिविधि के दौरान बेहोशी आए या साथ में सीने में दर्द, सांस फूलना या दिल की धड़कन तेज होना जैसे लक्षण दिखें, तो इसे नजरअंदाज न करें. यह आपात स्थिति हो सकती है.

 बेहोशी का कारण

हर बार कारण दिल ही नहीं होता. न्यूरोलॉजिकल समस्याएं, स्ट्रोक, ऑर्थोस्टेटिक हाइपोटेंशन भी बेहोशी का कारण बन सकते हैं. इसके अलावा गंभीर एनीमिया, ब्लड शुगर का कम होना या हार्मोन संबंधी गड़बड़ियां भी जिम्मेदार हो सकती हैं. अच्छी बात यह है कि ज्यादातर मामलों में लाइफस्टाइल में बदलाव से बेहोशी की घटनाएं कम की जा सकती हैं. पर्याप्त पानी पीना, बहुत ज्यादा भीड़ से बचना, लंबे समय तक खड़े न रहना और संतुलित आहार लेना मददगार हो सकता है.

कब डॉक्टर से मिलना जरूरी है?

अगर एक से ज्यादा बार बेहोशी हो, एक मिनट से ज्यादा देर तक होश न आए, बिना किसी चेतावनी के बेहोशी हो जाए या होश आने पर भ्रम की स्थिति हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें. परिवार में दिल की बीमारी का इतिहास हो तो और भी सावधान रहें. डॉक्टर खून की जांच, हार्ट मॉनिटरिंग या नर्वस सिस्टम की जांच जैसी जांचें कर सकते हैं ताकि सही कारण पता चल सके. अगर वजह दिल से जुड़ी निकले, तो कुछ मामलों में पेसमेकर लगाने की जरूरत भी पड़ सकती है.

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Satish Kumar Is A Journalist With Over 10 Years Of Experience In Digital Media. He Is Currently Working As Editor At Aman Shanti, Where He Covers A Wide Variety Of Technology News From Smartphone Launches To Telecom Updates. His Expertise Also Includes In-depth Gadget Reviews, Where He Blends Analysis With Hands-on Insights.