
ज्यादातर भारतीय घरों में अलग से बच्चों के कमरे कम ही देखने को मिलते हैं. बच्चा माता-पिता के साथ एक ही कमरे और बिस्तर पर सोता है. इसे बच्चे की देखभाल का प्रतीक माना जाता है.माना जाता है कि मां के पास सोने से बच्चे और मां के बीच बॉन्डिंग मजबूत होती है. रात में ब्रेस्ट फीडिंग आसान होता है और बच्चे के रोने पर तुरंत ध्यान दिया जा सकता है. इससे दोनों की नींद का चक्र भी सेम हो सकता है. वहीं एक्सपर्ट्स के अनुसार इस तरह की परंपराएं जरूरी है, लेकिन उन्हें सुरक्षा मानकों के साथ अपनाना भी जरूरी है. आराम और इमोशन के साथ बच्चे की सुरक्षा सबसे पहले होनी चाहिए.

वहीं एक्सपर्ट्स के अनुसार बच्चे और मां के एक ही बिस्तर पर सोने से जुड़ा सबसे बड़ा खतरा Sudden Infant Death Syndrome है. यह नींद के दौरान हेल्दी दिखने वाले बच्चे की अचानक और अज्ञात कारणों से मृत्यु को दर्शाता है.
Published at : 22 Feb 2026 10:03 AM (IST)

