कनाडा में पढ़ाई का सपना देखने वाले भारतीय छात्रों के लिए यह खबर चिंता बढ़ाने वाली है. सरकारी आंकड़ों के अनुसार, साल 2024 के बाद से भारतीय छात्रों को मिलने वाले स्टडी परमिट में करीब 50 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है. यह गिरावट सिर्फ भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि कुल अंतरराष्ट्रीय छात्रों की संख्या में भी बड़ी कमी देखने को मिली है. कनाडा सरकार अब विदेशी छात्रों की संख्या को सीमित करने की दिशा में तेजी से कदम उठा रही है.
IRCC के आंकड़ों के मुताबिक, साल 2024 में कुल 5,14,915 स्टडी परमिट जारी किए गए थे. वहीं 2025 में यह संख्या घटकर 3,83,905 रह गई. यानी एक ही साल में करीब 25 प्रतिशत की कमी आई है. इससे पहले 2023 में यह संख्या रिकॉर्ड स्तर पर 6,80,795 तक पहुंच गई थी.
अगर भारतीय छात्रों की बात करें तो गिरावट और भी ज्यादा तेज है. 2024 में जहां 1,88,715 भारतीय छात्रों को स्टडी परमिट मिला था, वहीं 2025 में यह संख्या घटकर केवल 94,605 रह गई. यानी लगभग आधे भारतीय छात्रों को ही परमिट मिल सका. इससे पहले 2023 में यह आंकड़ा 2,77,965 था, जो अब काफी नीचे आ चुका है.
2018 के बाद सबसे कम दाखिले
यह गिरावट 2018 के बाद सबसे निचले स्तर पर मानी जा रही है. कोविड-19 के समय 2020 में अंतरराष्ट्रीय यात्रा प्रभावित होने के कारण स्टडी परमिट की संख्या 2,55,530 तक गिर गई थी. उस दौर के बाद अब पहली बार इतनी बड़ी कमी दर्ज की गई है.
सरकार क्यों घटा रही है संख्या
IRCC का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय छात्रों की संख्या को अब संतुलित किया जा रहा है. विभाग के अनुसार 2025 में नए छात्रों के आने की संख्या में 61 प्रतिशत की कमी आई है. यानी 1,77,595 नए छात्र कम पहुंचे. स्टडी परमिट के आंकड़ों में नए छात्रों के साथ-साथ पहले से कनाडा में रह रहे छात्रों के परमिट विस्तार को भी शामिल किया जाता है. कनाडा सरकार का लक्ष्य है कि 2027 के अंत तक देश की अस्थायी आबादी कुल जनसंख्या के 5 प्रतिशत से नीचे लाई जाए.
सरकार की सख्त नीतियां
पिछले साल 2023 की आखिरी तिमाही से ही कनाडा सरकार ने सख्त नीतियां लागू करनी शुरू कर दी थीं. इसके तहत अंतरराष्ट्रीय छात्रों की संख्या पर सीमा तय की गई, कॉलेजों की ओर से दिए जाने वाले ऑफर लेटर की जांच जरूरी की गई ताकि फर्जीवाड़ा रोका जा सके. साथ ही छात्रों के लिए जरूरी वित्तीय शर्तें भी कड़ी कर दी गईं.
2026 के लिए तय हुई सीमा
IRCC ने साफ किया है कि साल 2026 में कुल स्टडी परमिट की संख्या 4,08,000 से ज्यादा नहीं होगी. इसमें 1,55,000 नए अंतरराष्ट्रीय छात्रों को परमिट दिया जाएगा, जबकि 2,53,000 परमिट पहले से मौजूद छात्रों के विस्तार के लिए होंगे. यह लक्ष्य 2025 के 4,37,000 और 2024 के 4,85,000 के लक्ष्य से काफी कम है.
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