India FMCG Sector Growth: फिर रीबाउंड के रास्ते देश का FMCG सेक्टर, Q3 में 7.5 परसेंट के ग्रोथ ने चौंकाया

सतीश कुमार
4 Min Read


India FMCG Sector Growth: देश का FMCG (इंडियन फास्ट-मूविंग कंज्यूमर गुड्स) अभी रिकवरी मोड पर है. सेंट्रम ब्रोकिंग के कंज्यूमर स्टेपल्स कवरेज यूनिवर्स ने बताया कि कारोबारी साल 2025-26 की दूसरी तिमाही में इसमें पिछले साल की समान तिमाही के मुकाबले 2 परसेंट और तीसरी तिमाही में सालाना आधार पर 7.5 परसेंट की ग्रोथ देखी जा रही है.

यह ग्रोथ काफी हद तक बिक्री के हिसाब से वॉल्यूम में हुई तेज बढ़ोतरी से हुई, जिसमें ITC को शामिल नहीं किया गया. इससे पता चलता है कि ग्रोथ और मार्जिन की चुनौतियों का सामना करते हुए लंबे समय बाद FMCG सेक्टर में रौनक धीरे-धीरे लौट रही है. रिपोर्ट के मुताबिक, महंगाई में आई कमी, अच्छी मानसून के साथ बेहतर फसल की उम्मीद और GST में हुए बदलाव और इनकम टैक्स कटौती जैसे सरकारी पहलों से डिमांड बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं, जिससे धीरे-धीरे देश का FMCG सेक्टर संवर रहा है.

दूसरी तिमाही में क्या आईं दिक्कतें? 

अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में GST के लेकर कुछ दिक्कतें आईं जैसे कि GST 2.0 के लागू होने से सप्लाई चेन में थोड़ी रूकावट आई क्योंकि कई डिस्ट्रीब्यूटर्स और रिटेलर्स को सामानों के नए रेट्स का इंतजार था. ऐसे में स्टॉक कम कर दिए गए. इससे कंपनियों की बिक्री पर 1-4.5 परसेंट का असर दिखा.

हालांकि, इस दौरान कंपनियों में एग्जिट ग्रोथ अच्छी रही, जिससे Q4 का आउटलुक और भी अच्छा हुआ है. रिपोर्ट में बताया गया है कि इस सेक्टर को मोमेंटम में बदलाव से फायदा हो रहा है. Q3 में रीस्टॉकिंग का कुछ फायदा हुआ और साथ ही ग्रामेज बढ़ने की वजह से वॉल्यूम में भी बढ़ोतरी हुई है.” सेंट्रम का मानना ​​है कि कवरेज कंपनियों को टॉप लाइन और वॉल्यूम के मामले में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिलेगी.

किन सेगमेंट्स में दिखी रिकवरी?

इंडस्ट्री के जानकारों का कहना है कि ग्रामीण मार्केट अब शहरी मार्केट से आगे बढ़ रहे हैं. यह क्विक कॉमर्स ग्रोथ में सबसे आगे बना हुआ है. खासकर नेस्ले और ब्रिटानिया के परफॉर्मेंस का हवाला देते हुए एक्सपर्ट्स ने कहा कि फूड कैटेगरी में वॉल्यूम मोमेंटम में साफ बढ़ोतरी देखी गई है. होम एंड पर्सनल केयर (HPC) सेगमेंट में, हेयर ऑयल कैटेगरी में भी अच्छी रिकवरी देखी गई है.

यह पॉजिटिव ट्रेंड फाइनेंशियल ईयर के आखिरी क्वार्टर तक जारी रहने की उम्मीद है. रिपोर्ट में उम्मीद जताई गई है कि Q4 में गर्मियों की लोडिंग और कंजम्प्शन में बढ़ोतरी का फायदा देखने को मिलेगा, जिसे स्टेबल रॉ मटेरियल बास्केट का सपोर्ट मिला है. बांग्लादेश जैसे इंटरनेशनल इलाकों में छोटी-मोटी दिक्कतों के बावजूद इंडस्ट्री के ठहराव के दौर से वॉल्यूम-लेड ग्रोथ की ओर बढ़ने के साथ ओवरऑल सेंटीमेंट पॉजिटिव बना हुआ है.

ये भी पढ़ें:

IDFC First Bank के शेयरों में भूचाल, 15% के लोअर सर्किट पर स्टॉक; 590 करोड़ के फ्रॉड से हड़कंप 



Source link

Share This Article
Satish Kumar Is A Journalist With Over 10 Years Of Experience In Digital Media. He Is Currently Working As Editor At Aman Shanti, Where He Covers A Wide Variety Of Technology News From Smartphone Launches To Telecom Updates. His Expertise Also Includes In-depth Gadget Reviews, Where He Blends Analysis With Hands-on Insights.