DA Hike 2026: केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स होली के वक्त महंगाई भत्ता (DA) में बढ़ोतरी के ऐलान को लेकर बेसब्री से इंतजार करते हैं. केंद्र सरकार साल में दो बार अपने कर्मचारियों को डीए बढ़ोतरी की खुशी देती है. दिवाली और होली के आस-पास सरकार डीए में बदलाव की घोषणा करती है.
3 मार्च के होली का त्योहार आने वाला है, ऐसे में केंद्रीय कर्मचारी और पेंशनर्स के मन में सवाल है कि इस बार डीए में कितनी बढ़ोतरी हो सकती है. आइए जानते है, इस बारे में….
कितना बढ़ सकता है डीए?
केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनर्स को इस समय 58 फीसदी महंगाई भत्ता मिल रहा है. जो जुलाई 2025 से प्रभावी है और अक्टूबर 2025 में 3 फीसदी बढ़ोतरी के बाद तय हुआ था. जनवरी 2026 से अगली DA संशोधन को लेकर उम्मीदें बनी हुई हैं.
इस बीच लेबर ब्यूरो ने दिसंबर 2025 का ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स फॉर इंडस्ट्रियल वर्कर्स 148.2 जारी किया है. जबकि पिछले 12 महीनों का औसत 145.54 रहा है. इन आंकड़ों के आधार पर ही जनवरी 2026 की संभावित डीए बढ़ोतरी का अनुमान लगाया जा रहा है. अनुमान के मुताबिक कर्मचारियों का डीए 58 से 60 फीसदी होने की उम्मीद की जा रही है.
होली से पहले घोषणा की उम्मीद, लेकिन तारीख तय नहीं
मार्च की शुरुआत में होली होने के कारण महंगाई भत्ते के ऐलान को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं. कर्मचारी यूनियनों के कुछ नेताओं का मानना है कि सरकार इस बार त्योहार से पहले घोषणा कर सकती है. वहीं कुछ रिपोर्ट्स में भी मार्च के पहले सप्ताह में कैबिनेट मंजूरी की संभावना जताई गई है. हालांकि अभी तक किसी तरह की आधिकारिक तारीख सामने नहीं आई है.
सरकार पहले भी कुछ मौकों पर बड़े त्योहारों के आसपास डीए बढ़ोतरी की घोषणा करती रही है. जैसे दिवाली के समय जुलाई-दिसंबर अवधि की बढ़ोतरी. लेकिन जनवरी-जून अवधि के मामले में कोई तय पैटर्न नहीं रहा है और कई बार फैसला होली के बाद भी आया है. चूंकि AICPI डेटा जनवरी में जारी हो चुका है, इसलिए कर्मचारी प्रक्रिया आगे बढ़ने की उम्मीद लगाए बैठे हैं.
डीए बढ़ोतरी पर सैलरी में कितना इजाफा
महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी का असर कर्मचारियों की जेब पर सीधे तौर पर दिख सकता है. उदाहरण के तौर पर, यदि किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी 50,000 रुपये है तो 58 फीसदी DA के हिसाब से उसे 29,000 रुपये मिलते हैं.
जो 60 फीसदी होने पर बढ़कर 30,000 रुपये हो जाएगा. यानी की उस कर्मचारी को हर महीने 1,000 रुपये ज्यादा मिलेंगे. इसी तरह 1 लाख रुपये बेसिक सैलरी वाले कर्मचारी के मामले में 2,000 रुपये का फायदा होगा.
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