Auto News

टायर बर्स्ट से बचना है? ऐसे पढ़ें टायर का सीक्रेट DOT कोड और जानें असली उम्र

Aman Shanti .In
By Aman Shanti .In On February 24, 2026
1 min read 1.2k views
WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
YouTube Channel Join Now
Instagram Follow Join Now
WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
YouTube Channel Join Now
Instagram Follow Join Now

[ad_1]

सड़क पर दौड़ती नई चमचमाती कार, लेकिन उसके टायर 5 साल पुराने. ये कोई कहानी नहीं, बल्कि लाखों भारतीय ड्राइवरों की हकीकत है. हर साल हजारों हादसे टायर फटने (टायर बर्स्ट) की वजह से होते हैं, जिनमें सैकड़ों जानें चली जाती हैं. टायर की उम्र सिर्फ ट्रेड की गहराई से नहीं, बल्कि उसके निर्माण की तारीख से तय होती है और उसकी लाइफ का पता लगाने के लिए टायर के ऊपर ही एक ‘सीक्रेट कोड’ लिखा होता है.

भारत में सड़क हादसों का आंकड़ा डरावना है. हालांकि टायर बर्स्ट से होने वाले हादसों की संख्या कम है. हाल के वर्षों में एक्सप्रेसवे और हाईवे पर टायर फटने की घटनाएं बढ़ी हैं. उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में गर्मियों में ये समस्या और विकराल हो जाती है. गर्मी में रबर नरम हो जाता है, हवा का दबाव बढ़ता है और अगर टायर पुराना हो, तो फटने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है.

नई कार में पुराना टायर, कैसे?

अब सवाल ये है कि नई कार में पुराना टायर कैसे लग जाता है? कई शोरूम में पुराना स्टॉक बेच दिया जाता है. डीलर कभी-कभी 2-3 साल पुराने टायरों को ‘नया’ बताकर बेच देते हैं. स्पेयर टायर तो अक्सर 4-5 साल पुराना ही मिलता है. यूज्ड कार खरीदने वालों को तो ये समस्या और भी ज्यादा सताती है. टायर कंपनियां खुद कहती हैं कि टायर की उम्र 5-6 साल से ज्यादा नहीं होनी चाहिए, भले ही ट्रेड 70% बचा हो. रबर में मौजूद केमिकल समय के साथ सूखते हैं, क्रैक पड़ जाते हैं और हाई स्पीड पर ये जानलेवा साबित होते हैं.

‘सीक्रेट कोड’ क्या है और इसे कैसे पढ़ें?

टायर की साइडवॉल (किनारे वाली दीवार) पर छोटे-छोटे अक्षरों में DOT कोड छपा होता है. ये Department of Transportation का कोड है, लेकिन भारत में BIS स्टैंडर्ड भी इसी पर आधारित है. कोड कुछ इस तरह होता है: DOT ABCD 2219.

अंत के चार अंक सबसे महत्वपूर्ण हैं: WWYY
WW = वीक (सप्ताह)
YY = ईयर (साल)

उदाहरण

2219 = 2019 का 22वां सप्ताह (मई 2019 में बना)
0524 = 2024 का 5वां सप्ताह (फरवरी 2024 में बना)

ये कोड टायर के दोनों साइड पर होता है, लेकिन एक तरफ पूरा और दूसरी तरफ आधा भी हो सकता है. बस ध्यान से देख लें. एक्सपर्ट हमेशा सलाह देते हैं कि 5 साल पुराना टायर हर 6 महीने में चेक करवाएं और 6-7 साल बाद जरूर बदल दें. मिशलिन, ब्रिजस्टोन और अपोला जैसी कंपनियां भी यही कहती हैं.

टायर फटने के खतरे से कैसे बचें?

  1.  नया टायर खरीदते समय DOT कोड जरूर चेक करें, पुराना न खरीदें.
  2.  हर महीने टायर प्रेशर चेक करें. कम प्रेशर से गर्मी ज्यादा बनती है.
  3.  ओवरलोडिंग न करें. भारतीय सड़कों पर ये आम समस्या है.
  4. गर्मी में 80-100 किमी/घंटा से ज्यादा स्पीड न रखें.
  5. पुराने टायर में दरार, सूजन या बल्ब जैसा उभरना दिखे तो तुरंत बदलें.
  6. स्पेयर टायर भी समय-समय पर चेक करें.

जागरूकता की कमी सबसे बड़ी समस्या है. लोग ट्रेड देखते हैं,लेकिन टायर की उम्र नहीं. आपकी नई कार की सेफ्टी सिर्फ एयरबैग या ABS से नहीं, बल्कि टायर की उम्र से भी जुड़ी है. अगली बार गाड़ी में बैठने से पहले साइडवॉल पर नजर डालें और उस ‘सीक्रेट कोड’ को पढ़ लें. एक छोटा सा कोड आपको और आपकी गाड़ी में बैठने वाली सारे पैसेंजर को सेफ रखेगा.

[ad_2]

Source link

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
YouTube Channel Join Now
Instagram Follow Join Now
Aman Shanti .In

Aman Shanti .In

Satish Kumar एक डिजिटल कंटेंट क्रिएटर और न्यूज़ पब्लिशर हैं। ये Sarkari Yojana, Technology News और Automobile Updates पर लेख लिखते हैं। इनके लेखों का उद्देश्य लोगों को सही और तेज जानकारी देना है।