ChiChi Call का खतरनाक जाल! वायरल वीडियो के नाम पर फैल रहा Ghost File स्कैम, सोशल मीडिया यूजर्स रहें सावधान

सतीश कुमार
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Online Scam: सोशल मीडिया पर इन दिनों ChiChi Call वायरल वीडियो जैसे पोस्ट तेजी से फैल रहे हैं. अगर आपकी फीड में भी लीक्ड वीडियो कॉल या किसी कथित स्कैंडल से जुड़े लिंक दिखाई दें तो बिना सोचे समझे क्लिक करना भारी पड़ सकता है. साइबर विशेषज्ञों के मुताबिक यह पूरा मामला एक सुनियोजित ऑनलाइन ठगी का हिस्सा है जिसे घोस्ट फाइल स्कैम कहा जा रहा है.

किसे बनाया गया निशाना?

इस ट्रेंड में फिलीपींस की लाइफस्टाइल और ट्रैवल इन्फ्लुएंसर Vera Hill का नाम जोड़ा जा रहा है, जिन्हें ऑनलाइन ChiChi के नाम से जाना जाता है. दावा किया जा रहा है कि उनका कोई निजी वीडियो लीक हुआ है. हालांकि, किसी भी विश्वसनीय स्रोत पर ऐसा कोई असली वीडियो मौजूद नहीं है.

विश्लेषकों का कहना है कि TikTok, Facebook, Telegram और Reddit पर घूम रहे क्लिप या तो एडिटेड हैं या किसी और के वीडियो को भ्रामक तरीके से पेश किया गया है.

पहले भी हो चुका है ऐसा खेल

रिपोर्ट्स के अनुसार, यही गिरोह पहले भी Pinay Gold Medalist जैसे झूठे टैग का इस्तेमाल कर एक अन्य नाम को लेकर ऐसा ही घोस्ट फाइल स्कैम चला चुका है. यानी यह कोई नया तरीका नहीं बल्कि पुरानी ठगी का बदला हुआ रूप है.

कैसे काम करता है Ghost File स्कैम?

यह ठगी SEO प्वॉइजनिंग तकनीक पर आधारित होती है. स्कैमर्स इंटरनेट सर्च रिजल्ट में ऐसे ब्लॉग और पेज भर देते हैं जिनमें ChiChi वीडियो कॉल फुल जैसे कीवर्ड ठूंसे होते हैं. जैसे ही कोई यूजर लिंक पर क्लिक करता है उसे नकली स्ट्रीमिंग पेज पर भेज दिया जाता है. यहां से असली खेल शुरू होता है यूजर का IP एड्रेस तुरंत कैप्चर हो सकता है.

फर्जी फेसबुक एज वेरिफिकेशन लॉगिन पेज खुल सकता है. लॉगिन डिटेल चुराने वाली फिशिंग साइट पर रीडायरेक्ट किया जा सकता है. वीडियो देखने के लिए प्लगइन इंस्टॉल करें का मैसेज आता है जो असल में मैलवेयर होता है. यह मैलवेयर की-लॉगिंग कर सकता है जिससे बैंकिंग पासवर्ड जैसी संवेदनशील जानकारी खतरे में पड़ सकती है.

पहचानें खतरे के संकेत

अगर किसी लिंक पर क्लिक करने के बाद बार-बार अलग-अलग वेबसाइट खुल रही हों, या अचानक लॉगिन पेज सामने आ जाए, तो सतर्क हो जाएं. प्लगइन इंस्टॉल करें जैसे मैसेज को नजरअंदाज करें. किसी भी अनजान एक्सटेंशन को डाउनलोड न करें.

कानूनी जोखिम भी कम नहीं

भारत में बिना सहमति के निजी या डीपफेक कंटेंट बनाना और फैलाना कानूनन अपराध है. यह Information Technology Act, 2000 और Bharatiya Nyaya Sanhita के तहत दंडनीय हो सकता है. इस तरह के कथित वायरल वीडियो को शेयर करना चाहे वह असली हो या फर्जी, आपको कानूनी परेशानी में डाल सकता है.

क्या करें?

ऐसे किसी भी सनसनीखेज लिंक पर क्लिक करने से बचें. जानकारी को भरोसेमंद स्रोत से सत्यापित करें और भ्रामक कंटेंट को आगे बढ़ाने से बचें. याद रखें, हर वायरल चीज सच नहीं होती कई बार वह सिर्फ एक डिजिटल जाल होती है.

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Satish Kumar Is A Journalist With Over 10 Years Of Experience In Digital Media. He Is Currently Working As Editor At Aman Shanti, Where He Covers A Wide Variety Of Technology News From Smartphone Launches To Telecom Updates. His Expertise Also Includes In-depth Gadget Reviews, Where He Blends Analysis With Hands-on Insights.