Meerut Iftar Fight: सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर हाल ही में मेरठ की एक इफ्तार पार्टी का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने लोगों को चौंका दिया है. रमज़ान के पाक महीने में इफ्तार को खुशियों और एकजुटता का प्रतीक माना जाता है, लेकिन इस बार कुछ ऐसा हुआ कि मिठाई ने ही लोगों के बीच सीधी जंग छेड़ दी. वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि रोजेदारों की संख्या ज्यादा थी और मिठाई कम, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया. धीरे-धीरे हल्की खटपट से शुरू हुई बातचीत अचानक हाथापाई में बदल गई.
कुछ ही मिनटों में वहां मौजूद लोग एक-दूसरे को मारने-पीटने लगे. चप्पल, बेल्ट और हाथ-पैर का इस्तेमाल करते हुए झगड़ा इस कदर बढ़ गया कि इफ्तार का माहौल पूरी तरह से युद्धभूमि में बदल गया. जो लोग रमजान के महीने में अपने संयम और धैर्य का परिचय देने आते थे, वे इस घटना में उलझकर एक दूसरे के खिलाफ खड़े हो गए.
लो भैया, मेरठ की एक इफ्तार पार्टी में मिठाई को लेकर युद्ध हो गया.
बात इतनी सी थी कि यहां इफ्तारी के वक्त मिठाई कम थी और रोजेदार ज्यादा
इसी में पहले मिठाई को लेकर लूट मची और फिर देखते देखे इफ्तार पार्टी जंग का मैदान बन गया. pic.twitter.com/EdGVe67yAU
— Priya singh (@priyarajputlive) February 24, 2026
मिठाई के लिए हुई लड़ाई
वीडियो के मुताबिक, सबसे पहले मिठाई को लेकर हल्की बहस और झड़प हुई. जैसे ही लोग अपनी हिस्सेदारी पाने के लिए आगे बढ़े, स्थिति तेजी से नियंत्रण से बाहर हो गई. कुछ लोग इतने गुस्से में आ गए कि उन्होंने चप्पल और बेल्ट का इस्तेमाल कर दूसरों को मारना शुरू कर दिया.
क्या है रमजान का असल मतलब?
एक यूजर ने लिखा कि “यह सब वो लोग हैं जिन्हें सिर्फ यह पता है कि रोजे रखना है लेकिन यह नहीं पता कि रमज़ान का असल मतलब क्या है.” रमजान का असल मतलब सिर्फ रोजा रखना नहीं है. यह महीना सबर, हिकमत और दूसरों के प्रति दया सिखाता है. अपने गुस्से और हवस को काबू में रखना, जरूरतमंदों की मदद करना और इख़लाक़ का पालन करना ही रमजान का असली मकसद है. इफ्तार रमजान के महीने में दिनभर का रोजा खोलने का समय होता है. इस दौरान मुसलमान एक साथ बैठकर खाना खाते हैं, खासकर खजूर और पानी से रोजा खोलते हैं. यह सिर्फ भूख मिटाने का समय नहीं, बल्कि दोस्ती, परिवार और भाईचारे के साथ खुशियां बांटने का अवसर भी होता है.

