Tech News

Face ID Vs Fingerprint : कौन-सा तरीका बेहतर और ज्यादा सेफ है? यहां जान लें जवाब

Aman Shanti .In
By Aman Shanti .In On February 24, 2026
1 min read 1.2k views
WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
YouTube Channel Join Now
Instagram Follow Join Now
WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
YouTube Channel Join Now
Instagram Follow Join Now

Face ID Vs Fingerprint : जब फोन को लॉक करने की बारी आती है तो ज्यादातर लोग फेसआईडी या फिंगरप्रिंट को यूज करते हैं. आईफोन में फेसआईडी का ऑप्शन मिलता है तो एंड्रॉयड फोन सिक्योरिटी के लिए फिंगरप्रिंट सेंसर पर डिपेंड होते हैं. ऐसे में कई लोगों के मन में यह सवाल आ सकता है कि फिंगरप्रिंट और फेसआईडी में कौन-सा बेहतर है और किस तरीके से ज्यादा सिक्योरिटी मिलती है? आज हम इसी सवाल का जवाब लेकर आए हैं. 

क्या होती है फेसआईडी और कैसे करती है काम?

जैसा नाम से ही जाहिर है, फेसआईडी डिवाइस को अनलॉक करने के लिए यूजर के फेस को स्कैन करती है. ऐप्पल ने 2017 में लॉन्च हुए iPhone X के साथ इसकी शुरुआत की थी और उसके बाद के हर मॉडल में यह फीचर मिलता है. यह टेक्नोलॉजी अलग-अलग सेंसर और लाइट प्रोजेक्टर का यूज कर फेस की 3D इमेज तैयार कर लेती है. कंपनी इसे TrueDepth कहती है. यह टेक्नोलॉजी इंफ्रारेड सेंसर की मदद से फेस को लाइटअप कर पहचान लेती है.

फिंगरप्रिंट सेंसर कैसे काम करता है?

एंड्रॉयड डिवाइसेस पर मिलने वाला सेंसर यूजर के फिंगरप्रिंट की पहचान कर डिवाइस को अनलॉक करता है. सबसे पहले मोटोरोला ने 2011 में अपने Atrix मोबाइल के साथ इसकी शुरुआत की थी. बाद में ऐप्पल ने भी अपने कुछ आईफोन में टचआईडी ऑप्शन के साथ इस टेक्नोलॉजी को यूज किया था. अब मिड रेंज वाले स्मार्टफोन ऑप्टिकल फिंगरप्रिंट सेंसर का यूज कर 2D स्कैन करते हैं, वहीं फ्लैगशिप डिवाइसेस में अल्ट्रासोनिक स्कैनर लगा होता है, जो आपके फिंगरप्रिंट की 3D इमेज तैयार कर लेता है.

दोनों में ज्यादा सेफ कौन-सा तरीका है?

फेसआईडी और फिंगरप्रिंट दोनों ही आपके स्मार्टफोन को प्रोटेक्ट कर सकते हैं. हालांकि, फिंगरप्रिंट इसलिए आगे है क्योंकि ज्यादातर डिवाइसेस में यही यूज हो रहा है और अब फोल्डेबल फोन में भी इसका इस्तेमाल किया जा रहा है. फेसआईडी के साथ एक नुकसान यह है कि पूरी तरह यूनिक नहीं होती. जुड़वां या एक जैसे दिखने वाले लोगों के मामले में यह टेक्नोलॉजी मात खा जाती है. ऐप्पल का भी मानना है कि जुड़वां, भाई-बहनों और 13 साल से कम उम्र के बच्चों के मामले में फेसआईडी फॉल्स मैच कर सकती है. ऐसे में आप फेसआईडी के मुकाबले फिंगरप्रिंट पर ज्यादा भरोसा कर सकते हैं.

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
YouTube Channel Join Now
Instagram Follow Join Now
Aman Shanti .In

Aman Shanti .In

Satish Kumar एक डिजिटल कंटेंट क्रिएटर और न्यूज़ पब्लिशर हैं। ये Sarkari Yojana, Technology News और Automobile Updates पर लेख लिखते हैं। इनके लेखों का उद्देश्य लोगों को सही और तेज जानकारी देना है।