Laddu Holi 2026: आज बरसाना में लड्डूमार होली से ब्रज की गलियां झूम उठी. इसे देखने के लिए राधा रानी मंदिर प्रांगण में देश ही नहीं बल्कि विदेशों से भी श्रद्धालु बरसाना पहुंचे. बरसाना में होली के रंग भरे त्योहार पर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए किसी प्रकार की कोई दिक्कत ना हो इसके लिए प्रशासन ने की है चाक चौबंद व्यवस्था. 24 से 26 फरवरी तक बरसाना में रूट डायवर्ट किया गया है. बरसाना से बाहर पार्किंग बनाई गई है.
बरसाना में शुरू हुई लड्डू मार होली, राधा रानी मंदिर के प्रांगण में ढोल-मजीरों की थाप पर नाचते-गाते नज़र आए श्रद्धालु! #Holi2026 #Vrindavan #Barsana #ABPNews pic.twitter.com/V54khySMRN
— ABP News (@ABPNews) February 24, 2026
ब्रज की होली की बात हो और बरसाना का नाम न आए, ऐसा हो ही नहीं सकता है. रंग, गुलाल और भक्ति के संग यहां मनाई जाने वाली लड्डू मार होली देश-विदेश में अपनी अनोखी परंपरा के लिए प्रसिद्ध है.होली से ठीक पहले ब्रजभूमि का वातावरण भक्ति और उल्लास से भर उठता है. बरसाना स्थित राधा रानी मंदिर में जब लड्डू मार होली का आयोजन होता है, तो मानो पूरा परिसर प्रेम और रंग की वर्षा से सराबोर हो जाता है.
कैसे शुरू हई लड्डूमार होली की परंपरा
इस परंपरा की शुरुआत उस समय हुई जब नंदगांव से आए गोस्वामी ने राधारानी को प्रसन्न करने के लिए लड्डुओं का भोग लगाया तभी से यह रस्म उत्सव का रूप लेती गई और आज यह ब्रज की सबसे लोकप्रिय होली में शामिल है ,
लड्डू मार होली के दिन मंदिर प्रांगण में पुजारी भक्तों पर लड्डू बरसाते हैं और श्रद्धालु उन्हें प्रसाद स्वरूप लूटते हैं , ढोल-मंजीरों की धुन, होली के रसिया गीत और जयकारों के बीच पूरा वातावरण भक्तिमय हो जाता है.
आनंद और प्रेम का उत्सव है लड्डूमार होली
इस उत्सव की खास बात सिर्फ लड्डू नहीं, बल्कि वह प्रेम और आस्था है जो हर चेहरे पर दिखाई देती है , दूर-दूर से आए श्रद्धालु इस अनोखे उत्सव का हिस्सा बनकर खुद को धन्य महसूस करते हैं , रंगों की होली तो आपने बहुत देखी होगी, लेकिन बरसाने की लड्डू मार होली भक्ति, परंपरा और उल्लास का ऐसा संगम है, जिसे देखने वाला हर व्यक्ति जीवन भर नहीं भूलता.
Holi 2026: मुर्दे की सवारी, कोड़ामार, पत्थरबाजी…भारत में इन 6 जगहों पर खेलते हैं अनोखी होली
Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

