Retail Loan Growth India: भारतीय लोगों के बीच कर्ज लेने का चलन लगातार बढ़ता नजर आ रहा हैं. हालिया आंकड़े इसकी कहानी बयां करते हैं. दिसंबर तिमाही में देश के रिटेल लोन में 18 फीसदी से ज्यादा की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. जिसमें सबसे बड़ा योगदान होम लोन का रहा और इसमें 10 फीसदी से अधिक का इजाफा हुआ.
वहीं गोल्ड लोन की मांग में भी तेज बनी रही. ये ट्रेंड बताता है कि अलग-अलग वित्तीय जरूरतों को पूरा करने के लिए लोग पहले से ज्यादा कर्ज पर निर्भर हो रहे हैं. आइए आंकड़ों से समझते हैं, इस पूरे गणित को…..
रिटेल लोन पोर्टफोलियो 162 लाख करोड़
दिसंबर तिमाही 2025 में व्यक्तिगत कर्ज की रफ्तार में मजबूत देखने को मिली है. टीवी 9 भारतवर्ष की एक रिपोर्ट के मुताबिक कुल आउटस्टैंडिंग रिटेल लोन 18.1 फीसदी बढ़कर 162 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया. महंगाई, त्योहारों के दौरान खर्च और जीएसटी बदलाव के कारण सोने के बदले मिलने वाले कर्ज में भी तेजी दर्ज की गई है.
CRIF High Mark के आंकड़ों के अनुसार, होम लोन 10.5 फीसदी बढ़कर 43 लाख करोड़ रुपये के आंकड़े पर पहुंच गया है. जबकि गोल्ड लोन में 44.1 फीसदी की तेज ग्रोथ के साथ यह 16.2 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचा है.
वहीं पर्सनल लोन सेगमेंट भी पीछे नहीं रहा और आउटस्टैंडिंग लोन 11.6 फीसदी बढ़कर 15.9 लाख करोड़ रुपये दर्ज की गई. इन आंकड़ों से साफ पता चलता है कि, देश में लोगों पर कर्ज बढ़ रहा है.
होम लोन सेगमेंट में एक्टिव खातों की संख्या बढ़ी
होम लोन से जुड़े ताजा आंकड़ों से पता चलता है कि इस सेगमेंट में ग्राहकों की भागीदारी लगातार बढ़ रही है. CIC डेटा के अनुसार एक्टिव होम लोन की संख्या में करीब 3.3 लाख का इजाफा हुआ. जिससे औसत टिकट साइज बढ़ने का भी अंदाजा मिलता है.
आउटस्टैंडिंग लोन क्या होता है?
आउटस्टैंडिंग लोन उस कुल रकम को कहा जाता है, जो आपने बैंक या किसी वित्तीय संस्था से कर्ज के रूप में ली है. जिसमें से कुछ हिस्सा अभी तक चुकाना बाकी है. इसमें बचा हुआ प्रिंसिपल अमाउंट, उस पर जमा हुआ ब्याज और बैंक द्वारा लगाए गए अलग-अलग शुल्क शामिल होते हैं.
आसान शब्दों में समझें तो यह वह धनराशि हैं जो आपके एक निश्चित समय में अपने लोन देने वाले बैंक या वित्तीय संस्था को लौटानी है.
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