आर्ट्स और कॉमर्स वाले भी बन सकते हैं पायलट? जानिए क्या कहते हैं DGCA के नियम

सतीश कुमार
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अगर आप 12वीं आर्ट्स या कॉमर्स से पास हैं और हमेशा से पायलट बनने का सपना देखते रहे हैं, तो आपके लिए अच्छी खबर हो सकती है. भारत में पायलट लाइसेंस के नियमों में बदलाव की तैयारी चल रही है. DGCA ने एक नया प्रस्ताव रखा है, जिसमें 12वीं में फिजिक्स और मैथ्स की अनिवार्यता खत्म करने की बात कही गई है.अगर इसे मंजूरी मिलती है, तो गैर-साइंस स्टूडेंट्स भी कमर्शियल पायलट की ट्रेनिंग ले सकेंगे.

अब तक भारत में कमर्शियल पायलट लाइसेंस लेने के लिए 12वीं में फिजिक्स और मैथ्स पढ़ना जरूरी था. यानी साइंस स्ट्रीम के छात्र ही सीधे इस फील्ड में जा सकते थे. आर्ट्स और कॉमर्स के छात्रों को पहले ओपन स्कूल या अलग से फिजिक्स-मैथ्स पास करना पड़ता था.

अब क्या बदल सकता है?

DGCA  के प्रस्ताव के अनुसार पायलट लाइसेंस से जुड़े कुछ नियमों में बदलाव किया जा सकता है. ड्राफ्ट के मुताबिक स्टूडेंट पायलट लाइसेंस के लिए उम्मीदवार का किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 10वीं पास होना जरूरी होगा. वहीं प्राइवेट पायलट लाइसेंस (PPL) के लिए 12वीं पास होना अनिवार्य रहेगा. 

सबसे बड़ा बदलाव कमर्शियल पायलट लाइसेंस (CPL) और एयरलाइन ट्रांसपोर्ट पायलट लाइसेंस (ATPL) को लेकर है. इन लाइसेंसों के लिए अब 12वीं पास होना पर्याप्त माना जाएगा और स्ट्रीम कोई भी हो सकती है. यानी आर्ट्स, कॉमर्स या साइंस. अगर यह नियम लागू होता है, तो आर्ट्स और कॉमर्स के छात्र भी कमर्शियल फ्लाइट उड़ाने का सपना पूरा कर सकेंगे.

यह बदलाव ज्यादा छात्रों को एविएशन सेक्टर में मौका देने के लिए किया जा रहा है. यह कदम राष्ट्रीय शिक्षा नीति  की सोच से भी जुड़ा है. इस नीति का मकसद पढ़ाई को लचीला बनाना है, ताकि छात्र अपनी रुचि के हिसाब से करियर चुन सकें, न कि सिर्फ स्ट्रीम के आधार पर सीमित रहें.

क्या फिजिक्स-मैथ्स की जरूरत नहीं पड़ेगी?

नियम भले बदल जाएं, लेकिन पायलट की पढ़ाई में फिजिक्स, मैथ्स, मौसम विज्ञान, नेविगेशन जैसे विषय आते ही हैं. विमान उड़ाना सिर्फ बटन दबाने का काम नहीं है, इसमें तकनीकी समझ बहुत जरूरी होती है.इसलिए संभव है कि ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट्स आर्ट्स और कॉमर्स छात्रों के लिए अलग से बेसिक फाउंडेशन क्लास शुरू करें. इससे ट्रेनिंग थोड़ा लंबा और महंगा भी हो सकता है.

एविएशन इंडस्ट्री में सबसे अहम चीज है सुरक्षा. पायलट को हर परिस्थिति में तुरंत और सही फैसला लेना होता है. इसलिए DGCA यह सुनिश्चित करेगा कि चाहे छात्र किसी भी स्ट्रीम से हो, उसकी ट्रेनिंग और टेस्टिंग का स्तर एक जैसा रहे.

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Satish Kumar Is A Journalist With Over 10 Years Of Experience In Digital Media. He Is Currently Working As Editor At Aman Shanti, Where He Covers A Wide Variety Of Technology News From Smartphone Launches To Telecom Updates. His Expertise Also Includes In-depth Gadget Reviews, Where He Blends Analysis With Hands-on Insights.