Haryana Contaminated Water Deaths: हरियाणा के पलवल जिले के हथीन उपमंडल स्थित छांयसा गांव में महज कुछ हफ्तों के भीतर कई मौतों ने दहशत फैला दी है. गांव में कथित तौर पर दूषित पीने वाले पानी के सेवन के बाद रिपोर्ट के अनुसार, बीते करीब 24 दिनों में मौतों का आंकड़ा 15 से अधिक पहुंच चुका है. इससे पहले मध्य प्रदेश के कुछ इलाकों में भी दूषित पानी से कई लोगों की जान गई थी.
क्या है मामला?
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसा, करीब 5,700 की आबादी वाले इस गांव में जनवरी के आखिर से अचानक लोग बीमार पड़ने लगे. पहले तीन लोगों की तबीयत बिगड़ी और उनकी मौत हो गई, लेकिन बाद में यह संख्या बढ़ती गई. मृतकों में बुजुर्ग, युवा और स्कूली बच्चे शामिल हैं. ग्रामीणों ने बुखार, खांसी, बदन दर्द, उल्टी और दस्त जैसे लक्षण बताए. कई गंभीर मरीजों को अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन कुछ को बचाया नहीं जा सका.
गांववालों का आरोप है कि कई दिनों से पानी दूषित था, लेकिन जांच के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए. पानी से फैलने वाली बीमारियों के लक्षण पूरे गांव में दिखाई देने लगे. स्थानीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, जो आसपास के 40 हजार लोगों के लिए बनाया गया था, अब अपने ही गांव के लोगों को बुनियादी सुविधा देने में असमर्थ है. वहां केवल एक डॉक्टर तैनात है, फार्मासिस्ट और पैरामेडिकल स्टाफ के पद खाली हैं और जांच की सही व्यवस्था नहीं है.
एक्सपर्ट का क्या कहना है?
पलवल के सीएमओ डॉ. सतिंदर वशिष्ठ के मुताबिक, इस मामले की जांच 1 फरवरी से शुरू की गई. ताजा रिपोर्ट के अनुसार 1100 सैंपल लिए गए हैं, इसके अलावा 2100 से अधिक घरों की स्क्रीनिंग की गई है. पलवल सिविल अस्पताल में भर्ती दो मरीजों में हेपेटाइटिस बी और सी की पुष्टि हुई थी. प्रारंभिक जांच में मौतों को लिवर संक्रमण, मल्टी ऑर्गन फेलियर और पानी से फैलने वाली बीमारियों से जुड़ा माना गया. 107 पानी के नमूनों में से 23 में बैक्टीरिया और क्लोरीन की कमी पाई गई. इसके बाद चार स्वास्थ्य निगरानी टीमें तैनात की गईं और टैंकरों से अस्थायी साफ पानी की व्यवस्था की गई.
हालांकि अब भी यह स्पष्ट नहीं है कि मौतों की सीधी वजह क्या रही. प्रशासन दूषित पानी, पाइपलाइन में गंदगी, ठहरे हुए पानी और बिना लाइसेंस वाले चिकित्सकों की लापरवाही जैसे कई पहलुओं की जांच कर रहा है. हेपेटाइटिस ए, बी और सी के साथ-साथ अन्य इंफेक्शन की भी जांच जारी है. अब तक तीन अस्थायी मेडिकल कैंपों में 2,000 से अधिक लोगों की जांच हो चुकी है और 32 लोगों में हेपेटाइटिस बी व सी की पुष्टि हुई है. नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल की टीम जांच में जुटी हुई है और विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जा रही है. इस बीच गांव में पानी आपूर्ति लाइनों में लीकेज और गंदे नाले का पानी मिलने के आरोप भी सामने आए हैं.
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Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.
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