Airline Poor Service Compensation: अगर आप हवाई यात्रा करते हैं और आपको कभी एयरलाइन में खराब सर्विस की समस्या हुई हो तो, यह खबर आपको बहुत सुकून देने वाली है. एयरलाइन की खराब सर्विस के कारण एक आदमी और उनकी बेटी को 1.5 लाख रुपये का मुआवजा मिला है.
14 जनवरी 2026 को नई दिल्ली डिस्ट्रिक्ट कंज्यूमर कमीशन ने यह फैसला सुनाया है. आइए जानते हैं, आखिर यह पूरा मामला है क्या?
क्या है पूरा मामला?
भारत से न्यूयॉर्क की यात्रा के लिए एक व्यक्ति ने अपनी बेटी के साथ मेकमायट्रिप के जरिए इकॉनमी क्लास के राउंड ट्रिप टिकट बुक किए थे. दोनों 6 सितंबर 2023 को न्यूयॉर्क पहुंचे और 13 सितंबर 2023 को वापस लौटने वाले थे. इन टिकटों पर कुल 2,73,108 रुपये खर्च हुए. जबकि बेटी की यात्रा तिथि 20 सितंबर से बदलकर 6 सितंबर कराने के लिए 45,000 रुपये अतिरिक्त भी देने पड़े.
हालांकि 15 घंटे लंबी उड़ान के दौरान यात्री को टूटी सीट, गंदे टॉयलेट और अन्य असुविधाओं का सामना करना पड़ा. इसकी शिकायत की गई थी. जिसका फैसला यात्री के पक्ष में आया और उन्हें मुआवजा देने का आदेश दिया गया है.
यात्री ने की शिकायत
ईटी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, यात्री एयरलाइन की सर्विस से बेहद नाखुश थे. उन्होंने इसकी शिकायत कंज्यूमर कोर्ट में की थी. एयरलाइन को 3 और 9 नवंबर 2023 को लीगल नोटिस भी भेजा गया था. हालांकि, इसका जवाब नहीं मिला था. यात्री ने अपनी शिकायत में बताया कि, यात्रा के दौरान उन्हें टूटी हुई कुर्सियां मिली, बैकरेस्ट बटन भी काम नहीं कर रहा था.
टॉयलेट की हालत तो बहुत ज्यादा ही खराब थी. यात्री के अनुसार एयरलाइन का टॉयलेट पब्लिक टॉयलेट से भी खराब कंडीशन में था. बाथरुम में परफ्यूम या एयर फ्रेशनर तक का इस्तेमाल नहीं किया गया था. इसकी शिकायत करने पर भी सपोर्ट स्टाफ से मदद नहीं मिली. साथ ही खाने की क्वालिटी में मिसमैनेजमेंट का दावा पैसेंजर की तरफ से किया गया था. शिकायत के दौरान संबंधित फोटो भी दिए गए थे.
आयोग ने एयरलाइन को सेवा में कमी पाया
आयोग ने एयरलाइन को सेवा में कमी पाया और यात्री को मुआवजा देने की बात कही. वहीं ट्रैवल टिकट प्लेटफॉर्म को मामले में किसी तरह की जवाबदेही से मुक्त कर दिया गया. कोर्ट ने पाया कि पेश किए गए फोटो और लीगल नोटिस का जवाब न देना यात्री के पक्ष में गया.
एयरलाइन इन आरोपों का कोई ठोस जवाब देने में असफल रही. जिसके आधार पर कोर्ट ने एयरलाइन को दोषी पाया.

